Breaking News

भारत और चीन में मजबूत साझेदारी विश्व के लिए जरूरी: विश्व मुद्रा कोष

India and China

Washington (भाषा)। India and China भारत और चीन के बीच मजबूत साझेदारी को विश्व के लिए अहम बताते हुए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा है कि व्यापार के लिए खुलापन बनाए रखना बहुत अहम है, खासतौर पर एशिया के लिए।

India and China मजबूत साझेदारी बेहद अहम

 आईएमएफ के उप प्रबंधन निदेशक ताओ झांग ने पीटीआई भाषा से एक विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘‘वैश्विक सहयोग और सही नीतियां अपनाकर मजबूत, सतत, संतुलित और समावेशी वृद्धि हासिल की जा सकती है। इस समय भारत और चीन को वैश्विक वृद्धि के आधे हिस्से का श्रेय जाता है। ऐसे में इन दोनों बड़ी अर्र्थव्यवस्थाओं के बीच एक मजबूत साझेदारी बेहद अहम है। यह साझेदारी इन देशों की जनता के लिए और विश्व के लिए अहम है।’’

व्यापार को बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई

झांग ने कहा कि अच्छी तरह से लागू किए गए व्यापार समझौते सभी संबंधित पक्षों की आर्थिक समृद्धि में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आईएमएफ ने हमेशा से मुक्त व्यापार प्रणाली का समर्थन किया है क्योंकि व्यापार वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास का एक ईंजन रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘निष्पक्ष नियमों के तहत किए जाने वाले मुक्त व्यापार का उद्देश्य एक साझा उद्देश्य है।’’
जी-20 के तहत चीन, भारत और अन्य देशों ने हमारी अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने में व्यापार के योगदान को प्रबल बनाने की प्रतिबद्धता जताई है।

India and China गरीबी उन्मूलन का अहम स्त्रोत

झांग ने कहा कि आर्थिक एकीकरण खासतौर पर एशिया के लिए वैश्विक आर्थिक विकास, गरीबी
उन्मूलन और कल्याणकारी लाभों का एक अहम स्रोत रहा है। फिर भी कई बार एकीकरण और तकनीकी बदलाव के साथ कुछ समूहों को अपना स्थान बदलना पड़ता है। संकट के बाद उससे उबरने की कार्रवाई में धीमेपन से इसमें इजाफा होता आया है।

व्यापार को प्रभावित करती नीतियां

वैश्विक स्तर पर, खासतौर पर विकसित विश्व में संरक्षणवाद के बढ़ने के बारे में सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की अपने देश आधारित नीतियां व्यापार पर अत्यधिक निर्भर एशिया को प्रभावित कर सकती हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘व्यापार में खुलापन बनाए रखना, खासतौर पर एशिया के लिए, बहुत अहम है।’’

India and China राजकोषीय नीतियां लागू हों

उन्होंने कहा कि इसी के साथ व्यापार से मिलने लाभों को व्यापक तौर पर साझा करना और सामंजस्य बैठाने की नीति लागू करने तथा लागत के बोझ से दबे लोगों की मदद करना अहम है। कर्मचारी सक्रिय श्रम बाजार नीतियों एवं शिक्षा के जरिए अपनी मदद कर पाने में सक्षम होने चाहिए। अधिक कमजोर समूहों के लिए राजकोषीय नीतियां लागू की जा सकती हैं। रिण तक व्यापक पहुंच भी मददगार हो सकती है।

Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

लोकप्रिय न्यूज़

To Top