पंजाब

राजनीति दबाव में धान लगाने से रोका, किसान भड़के

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रोषित किसानों ने बहरामपुर थाने के बाहर लगाया धरना

गुरदासपुर (सरबजीत)। कथित राजनैतिक दबाव के अंतर्गत थाना बहरामपुर की पुलिस ने किसान तिरलोक सिंह को जमीन में धान लगाने से रोकने के खिलाफ शनिवार को कर्मचारी किसान यूनियन ने थाना बहरामपुर के बाहर रोषस्वरूप धरना लगाया। ग्रामीण मजदूर यूनियन व इफटू ने भी समर्थन किया।

सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है सबकुछ

धरने को संबोधित करते हुए किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सतबीर सिंह सुल्तानी, जिला उपाध्यक्ष चन्नण सिंह दोरांगला व इफटू के प्रदेश उपाध्यक्ष कामरेड रमेश राणा ने कहा कि किसान तिरलोक सिंह निवासी बहरामपुर ने चन्नण सिंह पुत्र लाभ सिंह की गांव नीवां धकाला में 38 कनाल 8 मरले जमीन जिसके चार हिस्सेदार है। उसमें से रमेश कौर बेटी चन्नण सिंह ने अपने बनते चौथे हिस्से 9 कनाल 17 मरले जमीन तिरलोक सिंह की पत्नी बलजिन्दर को 22 जुलाई 2013 बेच दी थी। उसका इंतकाल बलजिन्दर कौर के नाम राजस्व रिकार्ड में दर्ज है।

पिछले सीजन भी लगाई थी गेहूँ की फसल

तभी से ही तिरलोक सिंह का उक्त जमीन पर कर्ज है और खेत में बोर है। सिंचाई के लिए डीजल इंजन भी लगा हुआ है। इस बार गेहूं की फसल की बिजाई-कटाई भी उसने ही की, लेकिन अब जब तिरलोक सिंह उक्त जमीन में धान की फसल लगाने लगा तो थाना बहरामपुर की पुलिस ने क्षेत्र के कुछ सत्ताधारी नेताओं के दबाव में आकर तिरलोक सिंह को धान की फसल लगाने से रोक दिया। धरने में पलविन्दर सिंह, नत्थू सिंह, सरपंच सुखविन्दर सिंह, भजन सिंह चंडीगढ़, दलबीर सिंह समशेरपुर, जोगिन्द्र सिंह, सरपंच जसबीर सिंह, सरूप सिंह और सागर सिंह भोला के अलावा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

किसान नेताओं ने कहा कि भूपेन्द्र सिंह के पास उक्त क्षेत्रफल का स्टे हुआ है जबकि तिरलोक सिंह ने उक्त स्टे के खिलाफ उच्च अदालत में अपील दायर की हुई है। उक्त क्षेत्रफल का गिरदावरी का मामला भी तहसीलदार के पास चल रहा है।

चेतावनी: किसान नेताओं ने कहा कि यदि प्रशासन से उन्हें इंसाफ न मिला तो संगठन दोबारा मीटिंग कर बड़े संघर्ष का ऐलान करेगी।

डेढ़ घंटे तक डटे रहे धरनाकारी

किसानों ने करीब डेढ़ घंटे तक थाने के बाहर धरना लगाया। थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिस कर्मी धरना खत्म करने की अपील करते रहे लेकिन धरनाकारियों पर इसका कोई प्रभाव न हुआ और उन्होंने निश्चित समय की समाप्ति के बाद ही धरना समाप्त किया।

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