अवैध खनन करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा: अनमोल

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सोनीपत, (अजीत राम बंसल )।  नगराधीश डॉ0 अनमोल ने कहा कि अवैध खनन स्वीकार्य नहीं है। अवैध खनन की पूर्ण रोकथाम के लिए नियमित रूप से जांच की जाए और अवैध खनन करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर भी बल दते हुए कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों की पूर्ण अनुपालना की जाए।

नगराधीश डॉ० अनमोल की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में बुधवार को खनन को लेकर जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान उन्होंने विस्तार से खनन तथा अवैध खनन को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि खनन नियमानुसार ही किया जाए। अवैध रूप से खनन पर पूर्ण पाबंदी है। यदि कहीं इस प्रकार की सूचना मिलती है तो तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए।

डॉ0 अनमोल ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को यमुना बांध की देखरेख के निर्देश देते हुए कहा कि बांध का प्रयोग खनन के लिए नहीं होना चाहिए। इसके लिए बांध पर अवरोधक लगाये जायें। इसकी नियमित जांच करें। नियमों की अनदेखी स्वीकार नहीं होगी। यदि कोई नियमों की अवहेलना करता है तो उनको गिरफ्तार करवायें। इसके लिए उन्होंने पुलिस विभाग को पुलिस सहायता व पूर्ण सहयोग देने के निर्देश दिए।

इस दौरान खनन विभाग की ओर से कुछ गांवों की सूची दी गई, जिनमें अवैध रूप से खनन की सूचनाएं मिलती हैं। इन गांवों में बेगा, पबनेरा, मेहंदीपुर, बख्तावरपुर, नांदनौर, बडौली, जगदीशपुर व झुंडपुर विशेष रूप से शामिल हैं। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि इस मामले मेंं खनन विभाग को पूर्ण सहयोग दिया जाए। उन्होंने खनन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव के सरपंच के साथ तालमेल रखे और समय-समय पर इन सभी गांवों में मुनादी करवाएं कि अगर कोई व्यक्ति अवैध खनन करता पाया गया तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जिला खनन अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि जिला में वर्तमान समय में दो खाने चल रही है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए वर्ष 2022-23 के दौरान 68 वाहन पकड़े गए, जिनसे 44 लाख 11 हजार 590 रूपये जुर्माना वसूल किया गया। उन्होंने बताया कि इनमें 07 वाहनों की एफआईआर भी करवाई गई। उन्होंने बताया कि जिला में यमुना की सीमा से लगते गांवों के सरपंचों के साथ बैठक भी की जा चुकी है ताकि अवैध खनन पर रोक लग सके।  इस मौके पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल सिंह, सहायक वन अधिकारी एसके पूनिया, प्रदूषण बोर्ड से रविन्द्र यादव, सिंचाई विभाग से कार्यकारी अभियंता गुलशन कुमार तथा खनन इंस्पेक्टर विकास चौहान सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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