हरियाणा

रोहतक निर्भया मामला: प्रदेश की राजनीति में उबाल

Government, Focus, Education, Employment, Haryana

विपक्ष बोला-ठोस कार्रवाई करे सरकार

  • सीएम ने दिया फास्ट टैक सुनवाई का भरोसा

चंडीगढ़ (सच कहूँ ब्यूरो)। सोनीपत की युवती के साथ रोहतक में हुई दरिंदगी से प्रदेशभर में गुस्से और रोष की लहर है। जहां चारों ओर दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की जा रही है, वहीं इस मामले में राजनीति पूरे चरम पर है। विपक्ष ने जहां सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कानून व्यवस्था का दिवाला निकलने की बात कही है,

वहीं सरकार ने इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट से करवाने का भरोसा दिलाया है। विपक्षी दल कांग्रेस और इनेलो के नेताओं ने रोहतक मामले पर सरकार को जमकर घेरा है। उन्होंने आरोप लगाए हैं सरकार कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रही है और प्रदेश में महिलाएं बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि रोहतक बलात्कार मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा, गुरुग्राम बलात्कार मामले में संलिप्त दोषियों को सजा दिलवाई जाएगी। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम ने कहा कि समाज में किसी भी कीमत पर इस प्रकार के घिनौने कृत्य सहन नहीं किए जाएंगे और दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।

कोई दोषी बच कर नहीं निकल सकेगा: ग्रोवर

हरियाणा के सहकारिता राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर ने रोहतक में घटी बलात्कार की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री, जो आज यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे, ने कहा कि ऐसी घटनाओं में शामिल व्यक्तियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। एक प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा कि इस घटना में संलिप्त दोषियों को पुलिस पहले की गिरफ्तार कर चुकी है और किसी को बचकर निकलने नहीं दिया जाएगा।

पूरे प्रदेश को शर्मसार करती हैं ऐसी घटनाएं : कंबोज

प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति लचर होने व आए दिन महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार के सवाल पर खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री कर्णदेव कंबोज ने कहा कि जहां तक आपराधिक गतिविधियों की बात है, ये सही है कि इस प्रकार की जघन्य अपराधों की जितनी भी निंदा की जाए, उतनी कम है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इस तरह की घटनाएं पूरे प्रदेश को शर्मसार करती हैं।

लेकिन हर जगह प्रशासन ऐसी घटनाओं पर काबू नहीं पा सकता। इसके लिए सामाजिक सोच बदलना बहुत ही जरूरी है। समाज को जागरूक होना पड़ेगा, तभी ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा। उन्होंने साथ में जोड़ा कि यह संभव नहीं है

कि हर जगह पुलिस तैनात कर दी जाए लेकिन सरकार की फिर भी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा प्रदेश की महिलाओं को मुहैया करवाई जाए। इसके लिए सरकार जल्द ही पुलिस मित्र कक्ष भी स्थापित करने जा रही है, जिससे आम लोगों को और ज्यादा सुविधाएं मिलेगी। वे अपनी शिकायत आसानी से पुलिस तक पहुंचा पाएंगे।

डीजीपी बदलने से हालात नहीं सुधरेंगे : विपक्ष

प्रदेश के विपक्षी नेताओं ने कहा कि पिछले ढाई सालों के भीतर प्रदेश के 4 बार डीजीपी बदले गए हैं। भाजपा के विधायकों और मंत्रियों के कहने पर एसपी, डीजीपी बदलने से काम नहीं होने वाला। रोजाना महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों से शर्म से सिर झुक जाता है। प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बिल्कुल भी गम्भीर नहीं है।

इनेलो नेता अशोक अरोड़ा के अनुसार मुख्यमंत्री तुरंत पुलिस विभाग की बैठक बुलाएं और इन मामलों पर सख्ती से काम करें। सरकार केवल नारे लगाती है और दावे करती हैं। सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है, लेकिन बेटियों की ही सुरक्षा नहीं कर पा रही।

 

Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

लोकप्रिय न्यूज़

To Top