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जिंदगी का तजुर्बा है बुजुर्गों के पास, निरादर न करें: पूज्य गुरु जी

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रूहानी सत्संग: पालमपुर में डॉ एमएसजी ने अनमोल वचनों से किया निहाल

पूज्य गुरु जी ने दी ईद की मुबारकबाद

पालमपुर। देवभूमि हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में रविवार को पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने अपने अनमोल वचनों की वर्षा कर श्रद्धालुओं को उच्च सामाजिक मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। स्थानीय शहीद कैप्टन बिक्रम बत्तरा स्टेडियम में आयोजित रूहानी सत्संग में बड़ी तादाद में स्थानीय लोगों ने शिरकत की।

पूज्य गुरु जी ने हजारों अभिलाषी लोगों को गुरुमंत्र की अनमोल दात प्रदान की और रूहानी जाम (जाम-ए-इन्सां) पिलाकर मानवता की सेवा करने का प्रण करवाया। सत्संग के दौरान पूज्य गुरु जी ने श्रद्धालुओं द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया।

पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि इन्सान को कभी भी अपने मां-बाप की निंदा नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह हमारी संस्कृति के खिलाफ है। जो इन्सान मां-बाप की निंदा करता है उसमें खून भी तो उन्हीं का ही होता है, जिनकी वे निंदा करते है, इसलिए वह खुद अच्छा कैसे हो सकता है। दोस्त वही अच्छा होता है जो सही बात मुंह पर कह दे और गलत होने पर उसे टोक दे। इन्सान को चापलूसी दोस्ती से बचकर रहना चाहिए।

सत्संग दौरान पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि आधुनिक सोच और बुजुर्गों की सोच में फर्क जरुर हो सकता है, लेकिन मां-बाप को कभी बुरा नहीं कहना चाहिए। इन्सान को चाहिए कि वह अपने बुजुर्गों की बात को जरुर सुने।

अच्छी लगे तो मान लो, नहीं तो आप की मर्जी, क्योंकि जो उम्र होती है वह भी एक गुरु के समान होती है। पढ़ने-लिखने से ज्यादा इन्सान को जिंदगी सिखा देती है। जिंदगी का तुजुर्बा बुजुर्गों के पास होता है, इसलिए इन्सान को कभी भी अपने बुजुर्गों का अनादर नहीं करना चाहिए, बल्कि उनके ज्ञान का लाभ लेना चाहिए। जो दादा-दादी की कहानियां होती थी, उनमें जिंदगी का निचोड़ होता था।

इन्सान को अपने अवगुण छोड़ने चाहिए और गुण ग्रहण करने चाहिए

पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि आजकल घर-परिवार टूट रहे हं, जिसका सबसे बड़ा कारण बुजुर्गों का साथ न होना है। समय के साथ-साथ इन्सान बहुत कुछ सीखता है, ग्रहण करता है।

इन्सान को अपने अवगुण छोड़ने चाहिए और गुण ग्रहण करने चाहिए। पूज्य गुरु ने आगे फरमाया कि आज हम उन्हीं लोगों को याद करते है जिन्होंने अच्छे कर्म किए हों, अच्छे काम किए हों, उनके लिए आज भी हमारे दिल में सम्मान है।

वहीं उसी समयकाल में जो बुराई से जुडे करोड़ लोग आए, उन्हें आज कोई याद नहीं करता। इन्सान को पशुओं से अच्छी जिंदगी जीनी चाहिए। पशु कभी भी अपने सुख के लिए दूसरों को मारता नहीं।

जहा मोहब्बत, तंदरुस्ती और आपसी प्यार नहीं होता वह नर्क के सम्मान होता है

पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि संत-पीर फकीर कभी भी किसी को पैसा कमाने के लिए मना नहीं करते, लेकिन कभी भी इन्सान को किसी का हक मारकर पैसा नहीं कमाना चाहिए। जब किसी का हक मारकर खाते हो तो तकलीफ बहुत होती है और जो पाप जुल्म की कमाई होती है वह नागनी की तरह होती है। इससे घर में दुख-दर्द और परेशानियां आती हैं।

इन्सान जिसका हक मारकर खाता है उसके अंदर से जो बदुआ निकलती है उसका फल उसके साथ-साथ उसकी पीढ़ियों को भी भोगना पड़ता है। आप जी ने फरमाया कि जिसघर में मोहब्बत, तंदरुस्ती और आपसी प्यार नहीं होता वह नर्क के सम्मान होता है। सभी धर्मों में लिखा है कि कड़ा परिश्रम करके खाओ। इन्सान को कर्मयोगी और ज्ञान योगी बनना चाहिए।

राम-नाम का निरंतर जाप करने से आत्मविश्वास बढ़ता है

पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि जो हमारी शिक्षा है वो महाविज्ञान है, धर्म महाविज्ञान है जो हजारों साल पहले बने थे। विज्ञान कभी भी दिमाग को आक्सीजन नहीं दे सकती, चाहे जितना मर्जी जोर लगा लो, लेकिन धर्म चुटकी में माइंड को आक्सीजन दे सकता है। राम-नाम का निरंतर जाप करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और आत्मबल से हारी हुई बाजी जीती जा सकती है। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि कि मन, माया, काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार ये सातों मिलकर आपके कीमती स्वासों को खत्म कर रहे हैं।

विस स्पीकर बुटेल ने उठाया सत्संग का लाभ

सत्संग कार्यक्रम में कई गणमान्य लोगों ने शिरकत की, जिनमें विधानसभा के स्पीकर बृज बिहारी बुटेल, चीफ पार्लियामेंट सैक्टरी जगजीवन पाल, बीजेपी के पूर्व विधायक प्रवीन शर्मा आदि मौजूद थे। इस दौरान विस स्पीकर ने रूहानी जाम भी ग्रहण किया।

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