सम्पादकीय

सत्ता का दुरुपयोग, कानून जेब में

Misuse of politics

Misuse of politics पंजाब में सत्ता के नशे में चूर कुछ कांग्रेसी नेताओं ने यह सिद्ध करने का प्रयास किया कि कानून उनकी जेब में है। एक कैबिनेट मंत्री ने सरकारी सरकारी स्कूल की प्रिंसीपल को निलंबित करने की धमकी तक दे दी। इसी तरह एक विधायक ने उनकी बात न मानने पर पुलिस अधिकारियों को उलटा करने की बात कही।

हद तो तब हो गई जब कुछ राजनीतिक रूसूख वाले व्यक्तियों ने एक पत्रकार से मारपीट कर उसे धक्के से शराब पिला दी। नेताओं का काम लोगों की सेवा करना है न कि लोगों को धमकियां देना व पिटाई करना है। दरअसल राजनीति में सेवा का मजाक बन गया है और मारपीट को सेवा कहा जाने लगा है।

Misuse of politics ऐसे हालात उस वक्त बनते हैं जब सत्तापक्ष के नेताओं को यह एहसास हो जाए कि पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी। चाहे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने उक्त घटनाओं का संज्ञान लिया है, लेकिन नेताओं पर किसी भी प्रकार की अनुशासनीय कार्रवाई का जिक्र तक नहीं किया गया। गलती करने वालों के लिए ऐसी बातें आम हो जाती है।

नेता व वर्कर जब अनुशासन भंग करने लगते है तो पार्टी का सिस्टम डगमगाने लगता है। वे खुद को कानून से ऊपर समझने लगते हैं। शायद कांग्रेसी नेता सत्ता से दस साल बाहर रहने के बाद अब सत्ता का सुख लेने के लिए उत्सुक है लेकिन इसे राज की परिभाषा में शामिल नहीं किया जा सकता।

Misuse of politics खुद कांग्रेसी नेता ही अकाली भाजपा सरकार पर धक्केशाही, हिंसा, झूठे मामले दर्ज करने के आरोप लगाते रहे हैं। मुख्यमंत्री अमरेन्द्र सिंह की यह नसीहत बड़ी वजनदार है कि कांग्रेसी उन दोषी व्यक्तियों को सजा दिलवाने के लिए यत्न करें जो पिछली सरकार में किसी न किसी तरह कानून के शिकंजे से बचते रहे हैं।

यह बात बिल्कुल उचित है लेकिन स्कूलों में बच्चों को शिक्षा दे रहे प्रिंसीपल, अध्यापकों व पत्रकारों की पिटाई कर अपनी पहुंच को महसूस करना अमानवीय कार्रवाई है। यहां यह बात विचार करने योग्य है कि कांग्रेस सरकार में सत्ता का केंद्र, सत्ता का सही प्रयोग व सरकारी मशीनरी के विभिन्न अंगों में तालमेल व नियंत्रण की कमी है।

Misuse of politics यदि हर बड़ा-छोटा नेता खुद को मुख्यमंत्री समझेगा तो ऐसा ही होगा। मुख्यमंत्री अमरेन्द्र सिंह को अपने नेताओं व वर्करों पर लगाम कसने की जरूरत है। वे खुद जिम्मेवारी उठाकर ऐसे मामलों पर कार्रवाई करें। अमरेन्द्र सिंह आदर्श राज का संदेश लेकर सत्ता में आए हैं।  यह पांच साल कांग्रेस के लिए विरोधियों को पीटने की बारी नहीं बनने चाहिए।

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