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पठानकोट हमला: ‘एक महीने पहले दाखिल हो चुके थे आतंकी’

  • पठानकोट हमला: 11 महीने के बाद कार्रवाई, एनआईए ने पेश की मोहाली अदालत में चार्जशीट
  • एनआई ने पेश की रिपोर्ट, कई अहम खुलासे किए
  • सही समय और सही वक्त का इंतजार करते रहे आतंकी: एनआईए

Mohali, SachKahoon News:  पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के करीब 11 माह बाद नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (एनआइए) की टीम ने सोमवार को मोहाली अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मौलाना मसूद अजहर को मुख्य आरोपी बनाया गया है। एनआइए के छह सदस्यों की एक टीम सुबह मोहाली स्थित एनआइए पंजाब की विशेष अदालत में न्यायाधीश तरसेम मंगला के समक्ष पेश हुई। जहां एनआइए ने चार्जशीट पेश की। अब इस मामले की अगली तारीख 9 जनवरी डाल दी है।

करीब एक माह पहले हो गए थे दाखिल
पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले पाकिस्तानी आतंकी एक तरफ घटना को अंजाम दे रहे थे तो दूसरी तरफ पाकिस्तान में बैठे में अपने आकाओं को रिपोर्ट कर रहे थे। एनआइए द्वारा इस मामले में दाखिल की गई चार्जशीट में कई अहम खुलासे किए गए हैं। एनआइए ने कहा है कि भारत में हमले को अंजाम देने वाले आतंकी घटना से करीब एक माह पहले ही भारत में दाखिल हो गए थे। इसके बाद उन्होंने न केवल यहां रहकर पठानकोट एयरबेस की रेकी की बल्कि हमले को अंजाम देने के लिए सही समय और सही वक्त का इंतजार किया।

ये आए थे भारत
एनआइए के अनुसार हमले को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान निवासी नासिर हुसैन, हाफिज अबु, उमर फारूख तथा अब्दुल कयूम भारत में आए थे, जबकि जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मसूद अजहर पाकिस्तान में बैठकर निर्देश दे रहे थे। करीब एक साल तक की गई जांच में यह बात सामने आई है कि पाक आतंकियों ने हमले को अंजाम देने से पहले पाकिस्तानी क्षेत्र में चल रहे ट्रेनिंग कैंप में प्रशिक्षण हासिल किया और उसके बाद वह पंजाब में दाखिल हुए थे।

अगली सुनवाई 9 जनवरी को
अब इस मामले की सुनवाई 9 जनवरी को होगी। अदालत की ओर से सुनवाई के लिए अगली तारीख 9 जनवरी तय की गई है। एनआइए के अधिकारियों की ओर से चार्जशीट फाइल कर ने को लेकर भी असंमजस की स्थिति बनी रही। सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों की ओर से सुबह ही कोर्ट में डेरा डाल लिया गया था। इसके बाद चार्जशीट फाइल करने की प्रक्रिया शुरू हुई।

एक दर्जन वस्तुएं रही शामिल
चार्जशीट में एनआइए ने जहां कई तरह की रिपोर्ट दाखिल की हैं, वहीं जांच एजेंसी ने पठानकोट एयरबेस के आसपास के इलाकों से बरामद हुए रैड बुल ड्रिंक की खाली बोतलें (पाक निर्मित एनर्जी ड्रिंक), पाक निर्मित पानी की खाली बोतलें, पाक निर्मित ड्राईफ्रूट के खाली पैकेट, महेंद्रा एक्सयूवी गाड़ी पर कई जगह आतंकियों की उंगलियों के निशान। इसके अलावा आतंकियों द्वारा गाड़ी को जोड़ने के लिए काटी गई सीट बैलेट सहित करीब एक दर्जन वस्तुओं को शामिल किया गया है।

चार्जशीट में इन नंबरों का भी जिक्र
चार्जशीट में पाकिस्तान के मोबाइल नंबरों का भी जिक्र किया गया है। जिनमें 923453030479, 923213132786, 923017775253 का भी जिक्र है।

एसपी सलविंदर ने किया सहयोग
पठानकोट एयरबेस हमले के मामले में कार्रवाई करते हुए एनआइए ने सोमवार को चार्जशीट फाइल करते हुए अब तक हुई जांच के बारे में अदालत के समक्ष अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। चार्जशीट के दौरान सभी की निगाहे पठानकोट हमले के दौरान चर्चा में आए एसपी सलविंदर सिंह की तरफ रही हैं। एनआइए ने सलविंदर सिंह को मुख्य गवाह के रूप में पेश किया है। हालांकि उन्हें पूरी तरह से क्लीनचिट नहीं दी गई है लेकिन यह माना जा रहा है कि जांच के दौरान सलविंदर सिंह ने एनआइए को पूरा सहयोग दिया है। जिसके चलते चार्जशीट में एनआइए ने उनका कई बार उल्लेख तो किया है लेकिन उनके बारे में कोई आपत्तिजनक एवं सदिग्ध टिप्पणी नहीं की है। सलविंदर सिंह पर पहले भी कई तरह के आरोप लगते रहे हैं।

यहां पहुंचेगा आतंकियों का सामान
पठानकोट एयरबेस हमले के दौरान मारे गए आतंकियों व जांच के दौरान जो भी सामान आंतकियों से मिला वे थाना फेज-8 में पहुंचेगा। इस सामान को केस प्रॉपर्टी बना दिया गया है। सोमवार को कोर्ट में चालान पेश करते समय न्यायधीश तरसेम मंगला ने पूछा कि क्या इस मामले में कोई ओर गिरफ्तारी हुई है तो जांच एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि केस में इंटरपोल व अन्य जांच एजेंसियां शामिल हैं। अभी तक मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है, लेकिन इस मामले में गिरफ्तार किए गए एक एसपी को सरकारी गवाह बनाया गया है।

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