सत्संग

4224 लोगों ने गुरुमंत्र लेकर अपने जीवन को बनाया सफल

DSS Satsang. सच्ची तड़प से मिलता है भगवान : पूज्य गुरु जी

हजारों लोगों ने ग्रहण किया रूहानी जाम

दो नवयुगल बंधे विवाह बंधन में

सरसा(सच कहूँ न्यूज)। DSS Satsang.  मालिक का नाम, प्रभु का नाम जब इंसान लेता है तो जन्मों-जन्मों के पापकर्म कट जाया करते हैं। विल पॉवर(आत्मबल) इसांन के अंदर भरा हुआ है, लेकिन जब राम का नाम लेता है तभी वो विल पॉवर बढ़ता है और तभी इंसान की गम-दु:ख दर्द चिंताएं चली जाती हैं। उक्त अनमोल वचन पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने रविवार को शाह सतनाम जी धाम में आयोजित रूहानी सत्संग के दौरान फरमाए।

इस अवसर पर 4224 लोगों ने पूज्य गुरु जी से  गुरुमंत्र की अनमोल दात प्राप्त कर नशों व सामाजिक बुराइयों से तौबा की साथ ही हजारों लोगों ने रूहानी जाम ग्रहण किया। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि कलयुग का ये समय है। इस समय में बहुत जरूरी है, कि आप भगवान का नाम जरूर जपें। भगवान के नाम में वो आत्मबल है जिससे लाईलाज बीमारियां भी पल में खत्म हो जाती हैं। राम-अल्लाह सतगुरु जानें या फिर वो जानें जिसके ये रोग कटते हैं, जिनको अपने ईश्वर-परमात्मा पर श्रद्धा होती है।

बात है भावना की, जिनके अंदर सच्ची श्रद्धा है, सच्ची भावना है, सच्ची तड़प है, वो मालिक से जरूर मिलते हैं। और जो श्रद्धा भावना नहीं रखते वो दुखी रहते हैं, परेशान रहते हैं। इसलिए उस राम से जब आप प्यार करते हैं तो क्यों, किंतु, परंतु का बीच में कोई मतलब होता ही नहीं। लेकिन जब आप बीच में इस तरह की बातें करते हैं तो जो आपकी झोली में खुशियां होती हैं, वो उड़ जाया करती हैं क्योंकि सत्ंसग में तो सिर्फ और सिर्फ राम के नाम से लीव लगा कर बैठो, वहां पर चतुर-चालाकी करना, अपने लिए दु:ख पैदा करना होता है।

DSS Satsang. घौर कलयुग का दौर चल रहा

पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि, कलयुग का भयानक समय चल रहा है। इसमें लोग गप्प मार सकते हैं, जितनी मर्जी मार लो, और कहावत भी बन गई है- आओ बैठो गपशप मारते हैं। अब सरेआम कहते हैं, पहले डरा करते थे कि कहीं पकड़ा न जाए। लेकिन आपको पता है? ये गपशप जो है ये टाईम बर्बादी के अलावा कुछ भी नहीं है। आपके कीमती स्वास बर्बाद होते हैं जो एक मिनट में 16 से 18 चले जाते हैं।

उन कीमती स्वासों की इतनी कीमत है कि आप सोच भी नहीं सकते। एक स्वास त्रिलोकी के मोल के बराबर है। तो बहुत जरूरी है कि आप अपने कीमती स्वास जो बर्बाद कर रहे  हो, उसके लिए सोचा करें। उसके लिए अपने आप को रोका करें। तो कीमती स्वास आप के अंदर से दिन ब दिन जा रहे हैं। उसे सत्संग में लगाईए, प्रभु परमात्मा के नाम में लगाईए, उसके लिए कोई अलग से पूजा पाठ नहीं है। बस आपका ध्यान होना चाहिए।

सुमिरन करने से कटते हैं पाप

पैदल चलते-चलते जाप करो। गाड़ी चला रहे हो, ध्यान आगे रखते हुए जीह्वा से सुमिरन कर लो। बस में बैठे हो, खाना बना रहे हो। तो कहने का मतलब कुछ भी शारीरिक क्रिया कर रहे हो अगर जीह्वा से राम नाम लो तो यकीनन मालिक की दरगाह में मंजूर कबूल होगा। किसी भी तरीके से आप जाप करो तो सही। पर कलयुग में जाप करना ही मुश्किल है, लोग ऐसे भागते हैं जैसे कुछ दिख गया हो।

DSS Satsang. सार्इं जी के करिशमे सुनाए

पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि, शाह मस्ताना जी महाराज ने भी एक बार ऐसा ही पै्रक्टिल किया था। एक सज्जन रूड़ी खाद डाल रहा था, गोबर से लथपथ था। और पास में ही सत्संग हो रही थी। तो सार्इं जी ने उसको बुलाया और कहा, तेरे शरीर पर गोबर लगा है, लथपथ है कितने पैसे लेता है? उसने कहा, जी! एक रूपया। तो शाह मस्ताना जी महाराज ने कहा, अगर हम तुझे दो रूपया दें तो क्या करेगा? तो वो बोला, हां जी! काम बताओ। शाह मस्ताना जी महाराज ने फरमाया कि, कुछ नहीं करना, नहाकर, सुंदर-सुंदर कपड़े पहनकर बस यहां पालथी मार के  बैठना है।

उसने अंदर से सोचा कि बाबा तो बहुत भोला है, मैं धूप में सड़ता हूं, इतना लथपथ होता हूं तो एक रूपया मिलता है, और बाबा कह रहा है अच्छे से कपड़े पहन कर बैठ जाओ तो दो रूपया दे दूंगा। वो तैयार होकर आ गया और बोला क्या करना है जी? तो मस्ताना जी बोले, यहां पालथी मार के बैठ जा, और सारा दिन राम का नाम जपना है। वो बैठ गया, दस मिनट बाद जम्हाईयां शुरु हो गई, आधे घण्टे बाद बड़े मुंह खोल कर जम्हाई लेने लगा, करते कराते कभी खाज शुुरु हो गई कभी कुछ हो गया। घण्टे-डेढ़ बाद उठकर वापस आ गया और बोला, स

सार्इं जी! ये लो आपके दो रूपए, ये लो आपके सारे नए कपड़े। गोबर में मैं सारे दिन काम कर सकता हूं पर सारा दिन  बैठ कर राम का नाम नहीं जप सकता, नहीं चाहिए ऐसे रूपए। आपको अगर सौ रूपए दिया जाए और आप सारा दिन राम नाम जप के दिखाओ, उसी समय पहले नींद शुरु हो जाती है, दोबारा खाज(खारिश)शुरु हो जाती है, तीसरा बच्चे याद आते हैं, चौथा वो याद आता है जो कभी याद नहीं आया।

दुख के समय करते हैं सुमिरन

अजीबोगरीब है ये कलयुग, यहां गप मारते रहोगे तो कोई नहीं पूछता, टाईम का पता नहीं चलता कैसे बीत गया? और जब रब का नाम लेना हो तो घड़ी खड़ी हो जाती है, कई तो सुमिरन करते-करते एक आंख खोलकर देखते हैं घड़ी को फिर बंद कर लेते हैं। उनको लगता है टाईमपीस खराब हो गया। कई अलार्म लगाकर सुमिरन करते हैं, अलार्म बजा नहीं यार! हद हो गई इतना लंबा टाईम हो नहीं सकता। और कई सुमिरन करते ही नहीं उन्होंने तो आलमारी में रखकर ताला लगा रखा है, वो सुमिरन करते ही नहीं, जब बहुत ज्यादा जरूरत पड़ जाती है तो करते हैं फिर तो ऐसे चलता है जैसे एक्सप्रेस गाड़ी चलती हो, बहुत बुरा हाल होता है।

जब बच्चों के पेपर आते हैं तो बच्चों को देखो, पेपर के टाईम में तो बस पूछो मत! बस राम-राम-राम होती है जो जपने वाले हैं, और फिर यूं पसीने छूट रहे होते हैं, बुरा हाल होता है। तो कहने का मतलब अगर आप सुख में सुमिरन कर लो तो दुख कभी आता नहीं। पर करता नहीं कोई, बहुत कम लोग हैं। अच्छे कर्म करते रहो, भला करते रहो, तन-मन -धन दीन दुखियों की मदद में लगाओ। तो यकीनन उससे जो आपको खुशी मिलेगी, परमानंद मिलेगा वो भी कहने सुनने से परे की बातें हैं। तो बहुत जरूरी है आप चलते-बैठते काम-धंधा करते ईश्वर का नाम जपते रहिए।

DR. MSG. शूटिंग करने वाले भी हो रहे लोट-पोट

डॉ. एमएसजीे की अगली फिल्म ‘जट्टू इंजीनियर’ की शूटिंग का कार्य जोरों पर चल रहा है। एक-एक दिन में 10-10 सीन शूट किए जा रहे हैं। पूज्य गुरु जी ने बताया कि फिल्म में किसी तरह की जुगाड़बाजी नहीं बल्कि तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। फिल्म इतना ज्यादा हंसाने वाली है कि शूटिंग के दौरान ही हर कोई लोट-पोट नजर आता है।

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