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घर की छत पर लहलहा रही आर्गेनिक सब्जियां

Organic Vegetables, Hose Roof

सरसा के हरीश मेहता पाँच साल से कर रहे हैं सब्जियों की खेती

शौक व टाइम पास के लिए उगाते हैं सब्जियां

परिजनों को दे रहे स्वास्थ्य का उपहार

सरसा(गुलाब सैनी)। सर्दी हो या गर्मी इनके घर का नजारा कभी नहीं बदलता। कुछ बदलता है तो बस फूलों का रंग, उनकी खुशबू और मौसम की सब्जियां। पिछले पांच साल से यह जनाब अपने घर को फूलों और सब्जियों से सजाए हुए हैं। यह घर है वाल्मीकि चौक निवासी हरीश मेहता का। वैसे तो हरीश मेहता सैकड़ों एकड़ के मालिक हैं, खुद की फैक्ट्री, पैट्रोलपंप इत्यादि बिजनेस हैं, लेकिन उनके शौक के आगे यह सब फीका दिखाई देता है। (Organic Vegetables)

जी हां, हरीश मेहता का घर किसी गार्डन या फार्म हाऊस से कम दिखाई नहीं पड़ता। जो सब्जियां बाजार में एक सब्जी की दुकान पर एक साथ नहीं मिलती, वे सब्जियां हरीश मेहता के घर की छत्तों पर उगी हुई जरूर दिखाईपड़ती हैं। 60 वर्षीय हरीश मेहता का मानना है कि इससे उनका शौक भी पूरा हो जाता है तथा अब जब बच्चे पढ़ाई व कैरियर को लेकर घर से बाहर रहते हैं तो उस समय उनका घर में टाइम पास भी हो जाता है।

100 एकड़ के मालिक, घर में बागवानी

वैसे तो हरीश मेहता की उनके पैतृक गांव कुत्ताबढ़ में 100 एकड़ जमीन व फार्म हाऊस है, जहां पर खेती-बाड़ी होती है। लेकिन उन्होंने अपने परिवार के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया तथा घर पर आर्गेनिक सब्जियां उगाते हैं। तरह-तरह की सब्जियां घर में ही पैदा होती है और वे भी पूरी तरह आर्गेनिक, जिससे एक तो उनका स्वास्थ्य ठीक रहता तथा घर में बीमारियां भी नहीं आती। हरीश मेहता बताते हैं कि वे इन सब्जियों का बीज या तो डेरा सच्चा सौदा से खरीदते हैं या फिर बठिंडा से खरीद कर लाते हैं। हरीश मेहता बताते हैं कि उनके पिता नौबतराय मेहता भी खेती ही करते थे, जो समाजसेवा के कार्यों में भी अग्रणी रहते थे।

कौन-कौन सी सब्जियां व फूल सजे हैं घर पर

हरीश मेहता ने बताया कि इस समय उनके घर में करेला, घीया, आलू, तोरी, बंदगोभी, प्याज, धनिया, पोदिना, दो तरह के बैंगन, टमाटर, लहसुन, राजमा, सेमफली, सुहाजना फली, मूली इत्यादि सब्जियां लगी हुई हैं। इसके अलावा पौधों में ग्वारपाठा, गुलाब, गेंदा, सफेद गुलाब, रात की रानी, जैसमीन, क्रिसमिस ट्री, मरूआ इत्यादि फूलों के पौधे लगे हुए हैं।

सुबह शाम दो-दो घंटे करते हैं देखभाल

हरीश मेहता शरीर में तंदुरुस्त है। एक युवा की तरह वे अपने सारे काम निपटा लेते हैं। कई किलोमीटर तक पैदल चलना, साइकिल चलाना इत्यादि में उन्हें जरा सी भी घबराहट नहीं होती। हरीश मेहता बताते हैं कि वे सुबह-शाम दो-दो घंटे सब्जियों की देखभाल पर लगाते हैं। सुबह सब्जियों की कटाई-छंटाई का कार्य तो सायं के समय सब्जियों को पानी देना इत्यादि। सब्जियों के लिए उन्होंने अपने घर पर बड़ा टैंक बनवाया हुआ है, जिसमें सब्जियों के लिए पर्याप्त पानी स्टोरेज किया जाता है, जिसे वे सब्जियों में इस्तेमाल करते हैं।

बेटा-बेटी ने किया एमबीबीएस

हरीश मेहता के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा तीन बच्चे हैं। बेटी यशिता मेहता ने मुलाना मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर लिया है तथा वह अब डॉक्टर बेटी बन गई है। वहीं उनके बड़े बेटे कार्तिक भी आदेश मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की शिक्षा ले रहे हैं। इसके अलावा एक छोटा बेटा आदित्य है जो अभी स्कूल में पढ़ता है।

खुद को और परिवार को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक और स्वादिष्ट सब्जियां खाना जरूरी होता है। और यदि हम चाहते हैं कि वो हमें साल भर मिलती रहें तो अपने घर में या आसपास खाली पड़ी जगह में आप खुद हरी भरी सब्जियों की बगीची बना लें। इससे आपको ताजा और बिना रासायनिक दवाई और शुद्ध जैविक सब्जियां मिल जाएंगी। साथ ही पैसों की बचत भी होगी और घर पर हरियाली रहेगी।
– हरीश मेहता, किसान

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