पंजाब

अब ‘भोखड़ा’ में मिलेगा चंडीगढ़ जैसे पार्कों का मजा

 'Bhokra', Fun Parks Like, Chandigarh

पंजाब के गांव भोखड़ा में किया गया है 6 सुंदर पार्काें का निर्माण

बठिंडा(अशोक वर्मा)। वातावरण व स्वच्छ भारत मुहिम को दृशाते गांव भोखड़ा के पार्क चण्डीगढ़ के पार्काेंं का भ्रम डाल रहे हैं। बठिंडा अमृतसर राष्ट्रीय मार्ग के निर्माण के लिए काटे वृक्षों के दर्द को महसूस करते गांववासियों ने बीड़ा उठाया है कि वह अपने गांव को हरा भरा बना कर एक मिसाल कायम करेंगे। सरपंच महेन्दर कौर इस मामले में मार्गदर्शक बनी और उनके सुपुत्र जगमीत सिंह बराड़ व नंबरदार बलजिन्दर सिंह द्वारा गांव की युवा पीढ़ी को जागरूक किया गया है।

गांव पंचायत सचिव अरविन्द गर्ग ने गांववासियों को जागरूक किया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है आज इस गांव में 6 बड़े पार्क बने हुए हैं, जिनकी वजह से गांव की जमीन को अवैध कब्जों से बचाया गया है व हरी पट्टी भी विकसित हो गई है। गांववासियों का कहना है कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि किसी गांव में ऐसे पार्कों का निर्माण हो सकता है।

वर्ष 2014 में की गई थी इस प्रोजैक्ट की शुरूआत

गांववासियों व पंचायत ने वर्ष 2014 में इस अलग प्रोजैक्ट की शुरूआत की गई थी, जिसके लिए सबसे पहले गांव की कूड़े के ढेरों वाले स्थानों को साफ किया गया, उसके बाद में बाकायदा पंचायत से संकल्प लिया गया, जिससे इस प्रॉजैक्ट का निर्माण का रास्ता साफ हो गया विशेष तथ्य है कि जितने भी पार्क बने हैं उनका डिजाईन चण्डीगढ़ की तर्ज बनाने उपरांत पार्कांे का निर्माण किया गया है। अब स्थिति यह है कि गांववासी सुबह-शाम सैर करते हैं व बच्चे पार्क में खेलते और पढ़ते भी हैं। स्कूली बच्चे कहते हैं कि गांववासियों के इस अलग प्रयास ने न सिर्फ गांव को नयी व साफ सुथरी दिशा दी है बल्कि हरियाली में भी विस्तार किया है।

गांववासियों के इस अलग प्रयास ने न सिर्फ गांव को नयी व साफ सुथरी दिशा दी है
बल्कि हरियाली में भी किया विस्तार : पंचायत सचिव

नंबरदार बलजिन्दर सिंह ने बताया कि गांव की पंचायत के 9 सदस्य हैं, जिनके साथ विचार विमर्श कर कर यह काम पूरा किया गया है इसी तरह ही पंचायत ने मिलकर गांव की फ्रिनी व करीब 250 पौधे लगा कर उनकी चौकीदारी के लिए ट्री-गार्ड लगाए हैं। ब्लॉक पंचायत और विकास अधिकारी कविता गर्ग का कहना था कि पार्क बनने से पहले इन स्थानों पर कूड़े व कूड़े के ढेरों के ढेर हुआ करते थे परन्तु अब इन आलीशान पार्कों ने गांव की शोभा को चार चांद लगा दिए हैं। उन्होंने बताया कि गांव वासियों ने जिस जज्बे से वातावरण को बचाने का बीड़ा उठाया है उसे सलाम करना बनता है।

3 पार्क और बनाने की तजवीज: सरपंच

गांव की सरपंच महेन्दर कौर बराड़ ने बताया कि हर एक पार्क 2 से 4कनाल क्षेत्रफल में बना हुआ है। गांव का कुल क्षेत्रफल 25000 एकड़ है, जिसमें से 4800 एकड़ के करीब पार्कों नीचे लाया गया है। उन्होंने बताया कि गांव की पंचायत ने अपने फंडों में से ही पैसे खर्च कर पार्कों की चारदीवारी इंटरलाकिंग टाईलें की लगवाई, बैठने के लिए बैंच व पौधे लगाए हैं। उन्होंने बताया कि गांव में करीब 6 पार्क हैं व 3 नये पार्क और बनाने की तजवीज है।

नुहार बदलने के लिए एकजुट हों गांव : बराड़

गांव निवासी जगमीत सिंह बराड़ ने कहाकि अन्य गांवों की पंचायतों के चुने सदस्य जब उनके गांव में पार्क देखने के लिए आते हैं तो गांववासियों का सिर गर्व के साथ ऊंचा हो जाता है। उन्होंने बताया कि बहुत से गांवों की पंचायतों ने पार्क बनाने के लिए जानकारी भी ली है। बराड़ ने कहा कि यदि सारा गांव एकजुट हो जाए तो गांवों की नुहार बदली जा सकती है।

अन्य गांव भी गांव भोखड़ा से ले प्रेरणा : डीसी

गांव भोखड़ा वासियों के प्रयासों की प्रशंसा करते डिप्टी कमिशनर बठिंडा दीपरवा लाकरा ने कहा कि गांव-गांव में इस तरह के प्रयास होने चाहिए, जिससे वातावरण को साफ व स्वच्छ रखा जा सके। उन्होंने कहा कि अन्य गांवों को भी भोखड़ा निवासियों से प्रेरणा लेनी चाहिए व अपना गांव आप सवारने के उद्देश्य से जोर -शोर के साथ काम करना चाहिए।

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