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सोनिया से मिले नीतीश कुमार, कहा-मोदी पर प्रतिक्रिया न दें

CM Nitish Kumar

नई दिल्ली। CM Nitish Kumar जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। यह मुलाकात काफी लंबे समय के बाद हुई है, इसलिए इसको लेकर तरह-तरह के कयास भी लगाये जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि एक साल बाद दोनों नेताओं की इस मुलाकात में आगामी राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की ओर से साझा उम्मीदवार खड़ा करने पर बातचीत हुई। केवल औपचारिक मुलाकात थी

साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई। वहीं बिहार के ताजा राजनीतिक हालात पर भी चर्चा होने की बात बतायी जा रही है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सोनिया गांधी के साथ नीतीश कुमार की यह औपचारिक मुलाकात भी हो सकती है। लेकिन, जब दो नेता एक साथ मिलेंगे, तो देश की राजनीति पर चर्चा भी हो सकती है।

CM Nitish Kumar इन दलों से भी की मुलाकात

वहीं, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि जदयू राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष की ओर से संयुक्त उम्मीदवार उतारने के पक्ष में है। सोनिया गांधी गंठबंधन के सबसे बड़े दल की नेता हैं, इसलिए इस मामले को उन्हें लीड करना चाहिए।

नीतीश कुमार सीपीआइ, एनसीपी सहित कई दलों के नेताओं से मिल चुके हैं और सभी ने इस पहल का स्वागत किया है। इसलिए सोनिया गांधी को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

कांग्रेस आत्ममंथन के दौर में

राजनीतिक जानकारों की मानें तो वैसे भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मोदी के खिलाफ धर्मनिरपेक्ष दलों का महागठबंधन बनाने का आह्वान करते रहे हैं। बिहार चुनाव से पहले भी किया था। वहीं दूसरी ओर बीजेपी से करारी हार के बाद कांग्रेस भी आत्ममंथन के दौर में है। पार्टी सूत्रों की मानें तो नीतीश ने सोनिया को सलाह दी है कि नरेंद्र मोदी पर प्रतिक्रिया देने के बजाय हमलोगों को अपना एजेंडा खुद तय करना चाहिए।

CM Nitish Kumar आज कोच्चि में सभा को करेंगे संबोधित

नीतीश कुमार शुक्रवार को केरल में शराबबंदी की मुहिम को लेकर एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। कोच्चि की एक संस्था ने इसके लिए नीतीश कुमार को आमंत्रित किया है। शुक्रवार को कोच्चि में होनेवाले जदयू के एक समारोह में भी वह शिरकत करेंगे।

गढ़ में मिली केवल दो सीटें

उल्‍लेखनीय है कि सोनिया गांधी स्‍वास्‍थ्‍य कारणों से हालिया दौर में सार्वजनिक रूप से ज्‍यादा सक्रिय नहीं दिखाई दी हैं यहां तक कि यूपी विधानसभा चुनावों के दौरान भी वह गांधी परिवार का गढ़ मानी जाने वाली सीटों अमेठी और रायबरेली में भी प्रचार करने नहीं जा सकीं।

यहां की कुल 10 सीटों में से कांग्रेस केवल दो ही जीतने में कामयाब रही। उनकी पिछली सार्वजनिक उपस्थिति यूपी चुनावों से पहले वाराणसी में एक रैली में दिखाई दी थी जहां वह बीमार हो गई थीं और बीच रास्‍ते से ही उनको दिल्‍ली लौटना पड़ा था।

CM Nitish Kumar राष्ट्रपति चुनावों से जोड़कर देखा गया

इस मुलाकात को जुलाई में होने जा रहे राष्‍ट्रपति चुनावों के लिहाज से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इस संबंध में जदयू नेता केसी त्‍यागी ने कहा कि दोनों नेताओं ने राष्‍ट्रपति पद के लिए विपक्ष की तरफ से साझा प्रत्‍याशी की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।

केसी त्‍यागी ने कहा, ”सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी की नेता होने के कारण सोनिया गांधी को इस मसले पर अगुआई करनी चाहिए।” केसी त्‍यागी ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने वाम दलों से भी इस मसले पर चर्चा की है और उनको सकारात्‍मक रिस्‍पांस मिला है।

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