पंजाब

नाड़ को ना जलाने की अपील हुई बेअसर साबित

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कुप्रभाव: सड़क हादसों में हो रहा है ईजाफा और पर्यावरण दूषित

  • सजा और जुर्माने का डर दिखा कर भी किसानों को नाड़ जलाने से रोक नहीं पा रहा कृषि विभाग
  • धरती की उपजाऊ शक्ति हो रही है कम

तरनतारन (राहुल शर्मा)। पंजाब सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदी के बावजूद भी लोगों द्वारा गेहूं के नाड़ को आग लगाने का सिलसिला लगातार जारी है। खेतों को लगाई गई आग से जहां धरती की उपजाऊ शक्ति कम होती है वहीं पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। लेकिन किसानों द्वारा किसी की भी प्रवाह किए बिना नाड़ को आग लगाना निरंतर जारी है।

सरकार की ओर से अलग-अलग तरीकों द्वारा लोगों को नाड़ को आग लगाने से होने वाले नुक्सान संबधी जागरूक करने के लिए समय-समय पर सेमिनारों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके लिए प्रशासन द्वारा भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं लेकिन किसानों द्वारा प्रशासन के आदेशों की परवाह ना करते हुए खेतों में बेखौफ होकर नाड़ को आग लगाई जा रही है।

ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से गेहूं की नाड़ को आग लगाने के विरूद्व दिए गए सख्त आदेशों के बाद हरकत में आई सरकार द्वारा ऐसा करने वाले किसानों के खिलाफ केस दर्ज करने व सजा के अतिरिक्त जुर्माने की व्यवस्था रखे जाने के लिए भले ही कृषि विभाग की ओर से जोर शोर से प्रचार किया जा रहा है व इसके लिए स्पैशल टीमें भी गठित की जा रही है लेकिन किसानों द्वारा नाड़ को आग लगाने का सिलसिला लगातार जारी है।

पर्यावरण हो रहा है गंदला: भार्गव

इस गंभीर मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए समाज सेवक सुखदेव भार्गव का कहना है कि गत दिनो पहले भी जिला तरनतारन के गांव शेरों ढोटीयां लिंक सड़क पर नाड़ को अगा लगाने से हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद भी प्रशासन द्वारा किसानों जोकि शरेआम नाड़ को आग लगा रहे है के खिलाफ कोई कारवाई नही की जा रही है।

उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि नाड़ को आग लगाने वाले किसानों के खिलाफ कारवाई की जाए तांकि भविष्य में किसी की जान ना जा सके। उन्होंने किसानों से भी अपील करते हुए कहा कि वह पर्यावरण को प्रदूषण ना कर नाड़ को आग ना लगाए।

नाड़ जलाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है: डीसी

इस संबधी जिले के डिप्टी कमिश्नर डीपीएस खरबंदा का कहना है कि प्रशासन द्वारा नाड़ को अगा लगाने वाले किसानों के खिलाफ सख्त से सख्त कारवाई की जा रही है। उन्होेंने कहा कि पिछले दिनों खेतों में नाड़ को आग लगाने वाले किसानों के चलान भी काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई किसान दोबारा नाड़ को आग लगाता हुआ पाया गया तो उसे जुर्माने के साथ कानूनी कारवाई का भी सामना करना पड़ेगा।

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