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इस बसपा नेता को सता रहा है मौत का डर, सिन्हा पर लगाया ये आरोप

MUKHTAR ANSARI

लखनऊ। mukhtar-ansari बसपा नेता मुख्तार अंसारी ने अपनी हत्या की आशंका जताई है। यूपी विधानसभा में विधायक बनने के बाद शपथ लेने पहुंचे मुख्तार ने कहा कि केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा उनकी हत्या करा सकते हैं। वह इसकी साजिश रच रहे हैं। इसी साजिश के मद्देनजर उनको लखनऊ से आगरा जेल भेजा जा रहा है।

मेरे खिलाफ हो रही साजिश

विधानसभा में मुख्तार अंसारी ने कहा, ‘केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा मेरी हत्या की साजिश रच रहे हैं। पेशेवर हमलावरों के जरिए मेरी हत्या कराई जा सकती है। मुझे बदले की भावना से लखनऊ से आगरा जेल शि‍फ्ट किया जा रहा है। कोर्ट में पेशी के लिए जाते समय मेरे उपर हमला करके मेरी जान ली जा सकती है।

mukhtar-ansari अब सेंट्रल जेल होंगे शिफ्ट

बताते चलें कि योगी सरकार ने मुख्तार अंसारी सहित कई बड़े अपराधियों को सेंट्रल जेल में शिफ्ट करने का फैसला लिया है। इसके तहत मुख्तार को लखनऊ से आगरा जेल में शिफ्ट किया जाएगा। प्रमुख सचिव कारागार देवाशीष पांडा ने इस बाबत आदेश जारी किए है। इस आदेश के बाद मुख्तार कुनबे में हड़कंप है।

जानिए, कौन हैं मुख्तार अंसारी

मुख्तार अंसारी का जन्म यूपी के गाजीपुर जिले में ही हुआ था। उनके दादा मुख्तार अहमद अंसारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। जबकि उनके पिता एक कम्यूनिस्ट नेता थे। राजनीति मुख्तार अंसारी को विरासत में मिली। किशोरवस्था से ही मुख्तार निडर और दबंग थे। उन्होंने छात्र राजनीति में कदम रखा और सियासी राह पर चल पड़े।

mukhtar-ansari मुख्तार के काफिले पर हमला

इसी दौरान एक दिन ब्रजेश सिंह ने मुख्तार अंसारी के काफिले पर हमला कराया। दोनों तरफ से गोलीबारी हुई इस हमले में मुख्तार के तीन लोग मारे गए। ब्रजेश सिंह इस हमले में घायल हो गया था। उसके मारे जाने की अफवाह थी। इसके बाद बाहुबली मुख्तार अंसारी पूर्वांचल में अकेले गैंग लीडर बनकर उभरे। मुख्तार चौथी बार विधायक हैं।

विकास के नाम खड़ा किया गैंग

1970 में सरकार ने पिछड़े हुए पूर्वांचल के विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की। जिसका नतीजा यह हुआ कि इस इलाके में जमीन कब्जाने को लेकर दो गैंग उभर कर सामने आए। 1980 में सैदपुर में एक प्लॉट को हासिल करने के लिए साहिब सिंह के नेतृत्व वाले गिरोह का दूसरे गिरोह के साथ जमकर झगड़ा हुआ। यह हिंसक वारदातों की श्रृंखला का एक हिस्सा था।

mukhtar-ansari अपराध की दुनिया में कदम

1988 में पहली बार हत्या के एक मामले में उनका नाम आया था। हालांकि उनके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत पुलिस नहीं जुटा पाई थी। लेकिन इस बात को लेकर वह चचार्ओं में आ गए थे। 1990 का दशक मुख्तार अंसारी के लिए बड़ा अहम था। छात्र राजनीति के बाद जमीनी कारोबार और ठेकों की वजह से वह अपराध की दुनिया में कदम रख चुके थे।

पूर्वांचल में चलने लगा सिक्का

पूर्वांचल के मऊ, गाजीपुर, वाराणसी और जौनपुर में उनके नाम का सिक्का चलने लगा था। 1995 में मुख्तार अंसारी ने राजनीति की मुख्यधारा में कदम रखा। 1996 में मुख्तार अंसारी पहली बार विधान सभा के लिए चुने गए। उसके बाद से ही उन्होंने ब्रजेश सिंह की सत्ता को हिलाना शुरू कर दिया। 2002 आते आते इन दोनों के गैंग ही पूर्वांचल के सबसे बड़े गिरोह बन गए।

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