सम्पादकीय

केंद्र की सराहनीय पहल

Modi Government

Modi Government पिछले 35 सालों से चल रहे एसवाईएल मुद्दे का हल निकालने पर केंद्र सरकार ने पहल की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20 अप्रैल को दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मीटिंग बुलाई है। चाहे यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है, लेकिन यदि दोनों राज्य सहमति से इसका हल निकाल लेते हैं, तो सद्भावना बढ़ेगी। हालांकि यह शुरूआत पहले होनी चाहिए थी, लेकिन ‘देर आयद, दुरस्त आयद’। यह पहल स्वागत योग्य है।

दरअसल लिंक नहर मामले में राजनीति इतनी ज्यादा घुल गई है कि पंजाब व हरियाणा दोनों राज्य किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहे। पंजाब ने जहां जज्बातों का सहारा लिया, वहीं हरियाणा ने सुप्रीम कोर्ट का रास्ता अपनाया व कुछ राजनीतिक पार्टियों ने भी मामले में तल्खी दिखाई। पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा ‘पानी की जगह खून देंगे’ और ‘नहर बनाकर रहेंगे’, जैसे नारे लगाए गए। अब पंजाब की सत्ताधारी कांग्रेस सरकार भी पानी के मुद्दों पर बहुत सख्त नजर दिख रही है।

Modi Government खास बात यह है कि कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा चुनाव में इसे मुद्दा बनाया और अपने चुनावी घोषणापत्र में भी शामिल किया। सन् 2004 में कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने ही नदियों के पानी के समझौते को रद्द किया था, जिससे लिंक नहर के निर्माण का रास्ता खत्म हो गया था। अब यह राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए विचाराधीन है। नहर का मुद्दा अमरेन्द्र सरकार के लिए परीक्षा की अहम् घड़ी है। इस मामले में उनके विरोधी शिरोमणी अकाली दल को भी पूरा मौका मिल सकता है। जब तक राजनेता वोट बैंक की राजनीति छोड़कर इसे वैज्ञानिक व सैद्धांतिक नजरिए से निपटाने की हिम्मत नहीं करते, तब तक इसका समाधान कठिन है।

नदियों के पानी को लेकर अभी तक कोई राष्ट्रीय नीति नहीं बन सकी। तमिलनाडु व कर्नाटक के बीच भी पानी का मुद्दा दशकों से लटकता आ रहा है। अटल बिहारी वाजपेई सरकार के कार्यकाल में भी नदियों को जोड़ने की बात चली थी, लेकिन कई राज्यों के विरोध के चलते मामला अटक गया। अब इस योजना पर कोई चर्चा नहीं हो रही।

Modi Government केन्द्र व राज्य को इस मामले में खुले दिल से और राजनैतिक स्वार्थों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय सद्भावना से आगे आने की जरूरत है। उम्मीद है कि इस मामले में अब केंद्र सरकार कोई हल निकाले। यदि ऐसा हो जाता है, तो इससे अन्य राज्यों के विवाद भी खत्म होंगे और देश विकास की ओर अग्रसर होगा।

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