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…ऐसे रखें बीजों को सुरक्षित

Agriculture Tips, Seeds, Safe

बगैर उचित भण्डारण 10 प्रतिशत तक अनाज हो जाता है बर्बाद

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जिसकी अधिकांश जनसंख्या गांवों में रहती है और कृषि पर निर्भर है। एक किसान औसत 70 प्रतिशत अनाज भोजन, बीज एवं बिक्री के लिये भण्डारित करते हैं और भण्डारण के दौरान, अनाज की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में कमी आती है। (Agriculture Tips)

इस गुणवत्ता को फसल कटाई के बाद बीजों को कम नमी और कम तापमान पर रखने से काफी समय तक रोका जा सकता है, लेकिन बीजों के भण्डारण के स्थान पर जहाँ अधिक नमी हो तो, बीज में कई प्रकार के कीट व कवकों का बीज पर आक्रमण हो जाता है। इससे बीजों की गुणवता को बहुत ज्यादा नुकसान होता है।

वैज्ञानिक रूप से प्रसंस्कृत बीज यदि लाते ले जाते समय सही देखभाल एवं भण्डारण नहीं किया जाए तो इसका प्रभाव बीजों के अंकुरण क्षमता पर भी पड़ता है। इसके कारण लगभग 10 प्रतिशत अनाज बर्बाद हो जाता है। जिससे अनाज भण्डारण की उचित विधियां अपना कर बर्बाद होने से बचाया जा सकता है।

भण्डारण के लिए स्थान का चुनाव | Agriculture Tips

बीज को भण्डारित करने से पहले निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए। किसी भी जगह बीज को भण्डारण करना है तो वह स्थान आस-पास के स्थान से ऊँचा होना चाहिए तथा उस स्थान पर पानी नहीं भरना चाहिये और वर्षा का पानी भी इक्ट्ठा नहीं होना चाहिए, जहाँ दीमक का प्रकोप को हो वहा पर भण्डार गृह नहीं होने चाहिए। भण्डार गृह की दीवारों में किसी प्रकार की दरारे नहीं हो क्योंकि वे कीड़ों के प्रजनन का महत्वपूर्ण स्थान होता है। भण्डार गृह की खिडकियां बन्द होनी चाहिए तथा छाया वाले स्थान पर होने चाहिए। दरवाजे बड़े होने चाहिए ताकि बीज निकालने एवं अन्दर करने में आसानी रहे।

भण्डार गृह की सफाई | Agriculture Tips

भण्डार गृह की सफाई समय समय पर करते रहना चाहिए । भण्डार गृह में खाली स्थान (बोरियों के अलावा) की सप्ताह में एक बार तथा बोरियों की एक माह के अन्तराल पर सफाई करनी चाहिए। दीवारों एवं छत की गंदगी दिखते ही सफाई करनी चाहिए तथा कचरे को जला देना चाहिए। उपरोक्त दर्शायी गई विधियों व सावधानियों का प्रयोग करने के बाद भी, कीट लगने पर विभिन्न प्रकार के रसायनों का उपयोग भी किया जा सकता है।

गेहूं, जौ, बाजरा के बीज की सुरक्षा के लिऐ कीटनाशक का प्रयोग | Agriculture Tips

डेल्टामेथ्रिन 4 मि.ली. को आधा लीटर पानी में मिलाकर प्रति 100 किलोग्राम बीज की दर से सीड ड्रेसर में मिलाकर एवं बीज को अच्छी तरह सुखाकर बोरियों में एक साल तक कीट रहित भंडारण किया जा सकता है। नीम एवं पलास के तेल (अखाद्य तेल) का 5 मि.ली.प्रति किलो ग्राम बीज की दर से उपयोग कर गेहूँ के बीज को एक वर्ष तक घुन से सुरक्षित किया जा सकता है।

दलहन बीजों के लिए कीटनाशक का प्रयोग | Agriculture Tips

थायरम 2.5 ग्राम प्रति किलो का उपयोग कर बीज को धौरा कीट से सुरक्षित रखा जा सकता है। चने के बीज को मूंगफली या सरसों के तेल से 10 मि.ली.प्रति किलो की दर से उपचारित कर धौरा कीट के प्रकोप से सुरक्षित रखा जा सकता है। बोरियों पर डेल्टामेथ्रिन 2.5 डब्लू. पी. या 125 पी. पी. एम. से अच्छी तरह छिड़काव कर सुखा लेना चाहिए। फिर इनमें बीज भरकर रखने से 6 महीनें तक कीड़ों से सुरक्षित रखा जा सकता है। मूंग के बीजों को थायोमिथाक्सम 70 डब्लू. एस. 2.8 मि.ग्रा. की दर से डेल्टामेथ्रिन 2.5 डब्लू. पी. 40 मि.ग्रा. प्रति कि.ग्रा. की दर से उपचारित करने पर उनका भण्डारण जूट की बोरियों में 9 महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है ओर बीजों की अंकुरण क्षमता भी बरकरार रहती है।

भण्डारण के लिए 700 गेज पोलिथीन बैग का प्रयोग

इसमें सब्जी फसलों जैसे मिर्च, प्याज आदि का सुरक्षित भण्डारण किया जा सकता है, लेकिन 700 गेज पोलिथीन का ही प्रयोग करें एवं बैग में भरने से पूर्व बीज पूरी तरह सुखा होना चाहिए (नमी 5 प्रतिशत या 5 से कम ) बीजों को कीट रहित करने के लिए फ्यूमिगेशन पद्धति का प्रयोग करें।

कपास के बीजों का भण्डारण | Agriculture Tips

कपास के बीजों में छुपी हुई गुलाबी सुंडी को नष्ट करने के लिये, बीजों को धूमित करने हेतु 40 किलो ग्राम बीज में एल्युमीनियम फास्फाईड की 3 ग्राम मात्रा में मिलाकर उसे हवा रोधी बनाकर 24 घंटे तक बन्द रखने के बाद भण्डारण करें। धूमित करना संभव न हो तो तेज धुप में बीजों को पतली तह के रूप में फैला कर 6 घंटे तक तपन देवें एवं बाद में भण्डारण करें।

अन्य फसलों के बीज भण्डारण में सावधानियां

खलिहान से बीज को अच्छी तरह से सफाई के बाद ही भंडारण करना चाहिए। बीज में नमी की मात्रा 8 से 9 प्रतिशत होनी चाहिए। भण्डार गृह में विण्डो ट्रेप व ग्रेन प्रोब का इस्तेमाल करके कीड़ों के आगमन का पता लगाकर उसको सही उपचार करना चाहिए। 40-50 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर काले पोलिथीन के ऊपर बीजों को 8-10 घंटे सुखाने पर भण्डारण कीटों का प्रकोप नष्ट हो जाता है। उसके बाद बीजों को 700 गेज पोलिथीन में सील करके रख देना चाहिए। इससे भण्डारण में कीटों का प्रकोप नहीं होता तथा अंकुरण क्षमता भी प्रभावित नहीं होती है।
-एग्रीकल्चर डेस्क

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