सम्पादकीय

बचाव कार्यों में भारतीय तकनीक

Indian, Tech, Rescue, Operations

थाईलैंड की एक गुफा में फंसे बच्चों को तीन दिन पहले सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन इस बचाव कार्य में यह बात कहीं चर्चा में नहीं आई कि इस कार्य में भारतीय तकनीक की भी अहम भूमिका रही। थाईलैंड में भारतीय दूतावास ने थाई प्रशासन को भारत के किर्लोस्कर ब्रदर्स के पास पानी निकालने की पम्पिंग तकनीक के बारे में बताया तब थाई सरकार ने भारत से पम्पिंग सैट मंगवा लिए। किर्लाेस्कर कम्पनी के तकनीक प्रमुख ने स्वयं थाईलैंड पहुंचकर वहां के अधिकारियों की सहायता की।

गुफा से किर्लोस्कर के पम्पिंग सैट ने पानी बाहर खींचा, तब गोताखोर गुफ ा में बच्चों तक पहुंचे, तत्पश्चात एक-एक कर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जहां पर पल-पल मौत का खतरा मंडरा रहा था। उक्त घटनाक्रम भारत सहित कई देशों के लिए एक बड़ा संदेश भी है कि आफत कितनी भी बड़ी या जटिल हो मनुष्य देश, भाषा, जाति, लिंग की दीवारें गिराकर यदि एक हो जाए तब वह जीत हासिल कर लेता है। परंतु यहां एक सवाल भी है कि आफत में तो सब एक दूसरे का साथ देने दौड़ पड़ते हैं लेकिन बहुत बार ऐसा भी होता है कि दूसरों की सहायता करने वाले देश खुद अपने लिए कुछ खास प्रबंध भी नहीं कर पाते क्यों?

भारत की यदि बात करें तब यहां कई ऐसी आपदाएं भी लोगों ने देखी है कि प्रशासन ही वक्त पर मदद करने नहीं पहुंचा। आपदा में प्रशासन पहुंचता भी है तब आधी अधूरी सामग्री के साथ, जिससे कम आपदा भी अधिक नुकसान कर डालती हैं। भारत में प्रतिदिन बहुमंजिला इमारत गिर जाने, नहर टूट जाने, आग लग जाने, जैसी घटनाएं कहीं न कहीं घट ही जाती हैं, इन सब के लिए एनडीआरएफ की स्थापना की गई है, लेकिन एनडीआरएफ की संख्या भी कम है । महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों कस्बों में भी आपदा से बचाव के मॉक ड्रिल करवाए जाते हैं बावजूद इस सबके भारतीय छोटी सी आफत में भी जान नहीं बचा पाते।

यहां तक कि आपदा से बचाव की मॉक ड्रिल में भी अपने को चोट पहुंचा बैठते हैं। ताजा घटना तमिलनाडू की है यहां एक कॉलेज में मॉक ड्रिल में बरती गई लापरवाही व ट्रेनर की जबरदस्ती ने 19 वर्षीय एक छात्रा की जान ले ली, क्योंकि टैÑनर ने न तो पूरी ईमारत का ही मुआयना किया व न ही छात्रा की नहीं कूदने की असहमति की परवाह की, जिस कारण जीवन बचाने की शिक्षा ने ही जीवन लील लिया। भारत की बेहिसाब आबादी उस पर बेहिसाब मानवीय भूलों व प्राकृतिक आपदाआें के मद्देनजर देश में आपदा राहत बल के विस्तार व आमजन में आपदा से बचने की शिक्षा दिया जाना बेहद आवश्यक है।

Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

लोकप्रिय न्यूज़

To Top