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ऐतिहासिक स्मारक एवं पुरातत्वीय स्थल पॉलिथीन फ्री जोन घोषित

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नई दिल्ली(सकब)। भारत में एएसआई द्वारा संरक्षित ऐतिहासिक स्मारकों और पुरातत्वीय स्थल ‘पॉलिथीन फ्री जोन’ घोषित किया गया है। इसकी एडवाइजरी सभी राज्य सरकारों / संघ राज्य क्षेत्रों को जारी कर दी गई है इसके तहत स्मारकों का 300 मीटर तक का दायरा पॉलीथीन मुक्त रहेगा। यह जानकारी संस्कृति और पर्यटन मंत्री राज्य मंत्री डॉ महेश शर्मा द्वारा एक संवाददाता सम्मेलन में गुरूवार को दिया गया। इस दौरान हाल में स्वच्छता पखवाड़ा मे पर्यटन मंत्रालय के विभिन्न कार्यक्रमों का उल्लेख डा.शर्मा ने किया।  “स्वच्छ भारत मिशन पर ‘इस संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर  ने भी संबोधित किया। श्री शर्मा ने बताया कि संरक्षित स्मारकों मे शौचालय और सभी एएसआई संरक्षित स्मारकों में दिव्यांगों की सुविधा प्रदान करने के लिए संस्कृति मंत्रालय ने हाल ही में 350 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है । जिसे चालू वित्त वर्ष 2016-17 में पूरा करने के लिए अधिकारियों निर्देशित किया गया है। मंत्री ने कहा कि एएसआई जैसे शौचालय, हरे लॉन जैसी सुविधाएं साफ-सफाई के मापदंडों के आधार पर पहले 25 आदर्श स्मारक घोषित किया गया था, पॉलिथीन फ्री जोन जागरूकता के लिए साइनेज, दिव्यांगों को सुविधायें, सफाई, पीने के पानी और विभिन्न मानकों पर खड़े उतरने के लिए “रानी की वाव (गुजरात) को “एक विश्व विरासत स्थल के रूप में घोषित किया गया है।
श्री शर्मा ने बताया कि 75 से अधिक आदर्श स्मारक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा चिन्हित की गई है ‘स्वच्छ पर्यटन मोबाइल ऐप’ पर्यटन मंत्रालय द्वारा शुरू में शामिल किया जाना है। इसके साथ ही 100 आदर्श स्मारक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित की कुल ‘स्वच्छ पर्यटन मोबाइल ऐप’ में शामिल किया जाएगा। इस एप्लिकेशन के फरवरी 2016 में शुरू किया गया था और पर्यटन मंत्रालय में स्वच्छ भारत मिशन के परियोजना निगरानी ईकाई द्वारा इसपर नजर रखी है।   डॉ शर्मा ने कहा कि स्वच्छता अभियान के 2 साल के पूरा होने पर, संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय के विभिन्न पहलों को  संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय के तहत सभी संगठनों के लिए साफ-सफाई की स्थायी तंत्र बनाना;  अपने विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों, अकादमियों / संस्थाओं द्वारा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर  एन.के. सिन्हा, सचिव, संस्कृति मंत्रालय,  विनोद जुत्शी, सचिव, पर्यटन मंत्रालय, परमेश्वर अय्यर, सचिव पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय एवं दोनो मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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