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राजस्थान

स्वास्थ्य विभाग तैयार कर रहा ‘डाटा बैंक’

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निजी अस्पताल तथा नर्सिंग होम की तैयार होगी कुण्डली

हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। प्रदेश के बीकानेर जिले में शहर से गांवों तक बेलगाम रुप से संचालित हो रही निजी अस्पतालों तथा नर्सिंग होम पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ‘डाटा बैंक’ तैयार करेगा। इस डाटा बैंक में उस निजी अस्पताल या नर्सिंग होम में दी जा रही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं केसाथ-साथ सेवाएं देने वाले चिकित्सकों तथा पैरामेडिकल स्टाफ की कुण्डली भी होगी।

विभाग ने इस डाटा बैंक को तैयार करने की कवायद को शुरु कर दिया है। विभाग की ओर से डाटा बैंक को तैयार करने के लिए जिले में संचालित हो रही निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम से जानकारियां जुटाने के कार्य को शुरु कर दिया है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि इस माह के अन्त तक बीकानेर जिले में संचालित हो रही सभी निजी अस्पतालों तथा नर्सिंग होम से संबंधित जानकारियां प्राप्त हो जाएंगी व डाटा बैंक तैयार हो जाएगा।

ये ली जा रही जानकारी

स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों तथा नर्सिंग होम की कुण्डली तैयार करने के लिए बना रहे डाटा बैंक को लेकर निजी अस्पताल या नर्सिंग होम में कितने बैड हैं, कितना एरिया है, कौन-कौन से रोग की सेवाएं दी जा रही हैं, कौन-कौन चिकित्सक हैं, क्या वे सभी वैध डिग्रीधारी चिकित्सक हैं, नर्सिंग स्टाफ कितना है व पात्रताधारी है या नहीं, लैब जांच की क्या सुविधा है, कौन-कौन सी जांचें हो रही हैं, प्रशिक्षित है या नहीं, रोगी के अस्पताल मेंआने से लेकर उसके डिस्चार्ज होकर घर जाने तक के रिकार्ड संधारण की क्या व्यवस्था है। सोनोग्राफी सुविधा है व सोनोलोजिस्ट कौन है।

आॅपरेशन थिएटर की सुविधा है क्या, अगर है तो उपकरण कौन-कौन से हैं। इनकी फोटो भी ली जा रही है। ओटी की सुविधाओं, ओटी प्रोटोकॉल, कीटाणु रहित है या नहीं, शल्य चिकित्सा के लिए ब्लड की क्या सुविधा है। किसी ब्लड बैंक से टाई अप है या नहीं सहित सभी आवश्यक जानकारियां ली जा रही हैं।

अपडेट रहने का प्रयास

निजी अस्पताल या नर्सिंग होम अपने यहां जब चाहे किसी चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, लैब टैक्निशियन या किसी चिकित्सकीय कार्य में कार्यरतकर्मचारी को हटाकर उसके स्थान पर नया कार्मिक लगा लेते हैं। हालांकि यह उनका क्षेत्राधिकार है परन्तु स्वास्थ्य विभाग अब इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए निजी अस्पतालों से हटाए गए चिकित्सक या अन्य कार्मिक के स्थान पर जो नया चिकित्सक या कार्मिक लगाया जा रहा है उसका नाम भी स्वास्थ्य विभाग को बताने की अनिवार्यता करने का मानस बना रहा है। सीएमएचओ के अनुसार हटाए गए कार्मिक का नाम व लगाए गए नए कार्मिक के नाम से विभाग भी अपडेट रहेगा व विभाग को यह जानकारी रहेगी कौनसा चिकित्सक, किस अस्पताल या नर्सिंग होम में अपनी सेवाएं दे रहा है।

व्यवस्थाओं में होगा सुधार

निजी अस्पतालों तथा नर्सिंग होम के डाटा बैंक को तैयार करने की कवायद को शुरु कर दिया गया है। संभावना है इसी माह तक आवश्यक जानकारियां विभाग को प्राप्त हो जाएंगी। डाटा बैंक के तैयार हो जाने से विभाग को प्रत्येक निजी अस्पताल या नर्सिंग होम की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ वहां कौन-कौन अपनी सेवाएं दे रहा है इसकी जानकारी विभाग के पास रहेगी। रिकार्ड संधारण के कार्य में सुधार की पूरी उम्मीद है।

-डॉ. देवेन्द्र चौधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बीकानेर

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