पंजाब

लहरागागा के कई वार्डों में नहीं हुई नालों की सफाई

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नाले की सफाई न होने से बीमारी फैलने का डर

चार वार्डों के लोगों का जीना दुर्भर हुआ

संगरूर/लहरागागा (सच कहूँ न्यूज)। लहरागागा के वार्ड नंबर- 9, 12, 13 व 15 की घनी आबादी वाले इलाके में से गुजरते गंदे पानी के निकासी के नाले की पिछले लंबे समय से सफाई न होने के कारण गर्मियों के मौसम में पैदा होने वाली बदबू ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बदबू के कारण लोगों में गंभीर बीमारियां फैलने का भी भय बना हुआ है। कई जगह से गंदा पानी ओवरफ्लो होकर बाहर निकलने से फैली गंदगी के कारण लोग बेहद परेशान हैं। कुछ वर्ष पहले वार्ड में हैजा की बीमारी होने के कारण वार्ड निवासी इसका खामियाजा भुगत चुके है, जिस कारण लोग अभी तक सहम में है।

नाले में गिरने का डर बना

अकाली दल के शहरी प्रधान व पूर्व पार्षद दविंदर नीटू, रानी कौर, गुरमेल सिंह व जगमेल सिंह ने बताया कि शहर में से गुजरते गंदे नाले का आकार इतना बड़ा है कि निवासी अपने बच्चे नाले में गिरने के डर से बाहर नहीं निकलने देते। वार्डों के अलावा इस नाले का गंदा पानी जीपीएफ धर्मशाला की नींव तक पहुंच चुका है। वार्ड नंबर-15 के निकासी नाले के नजदीक रहते कॉमरेड महिंदर सिंह बागी ने बताया कि बस स्टैंड के पिछले तरफ यह निकासी नाला खुला व कच्चा है, जहां गंदगी, गाजर बूटी, प्लास्टिक इत्यादि गंदे पानी के निकास में रूकावट बनते हैं।

वोटों तक सीमित नेता

ऐसे हालात के कारण इलाके में डेंगू व अन्य बीमारियां फैल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर चुनावों के समय नेता नाला पक्का करने का वादा जरूर करते हैं, लेकिन वोटें बटोरने के बाद इस संबंधी कोई कदम नहीं उठाते।

संभाल करनी जरूरी

गौर हो कि गांव रामगढ़ से आती बरसाती ड्रेन लहरागागा में से गुजरकर कोटड़ा, लेहल के पास लहरा ड्रेन में पड़ती है। ड्रेन विभाग का कहना है कि नगर कौंसिल गंदे पानी के लिए अलग प्रबंध करने की बजाए, ड्रेन में ही गंदा पानी डाल रही है, जिस कारण कौंसिल को ही इसकी संभाल करनी चाहिए।

विजिलेंस जांच होनी चाहिए: गुरलाल

सीनियर नगर पार्षद गुरलाल सिंह, पार्षद कृपाल सिंह, मनजीत कौर ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष ड्रेन की सफाई, आकार बनाने, किनारे मजबूत करने के लिए 8.73 लाख रुपये के टेंडर लगवाए थे व ठेकेदार का कार्य तसल्लीबख्श न होने के कारण उन्होंने अदायगी रोकने के लिए अर्जी दी थी, किंतु ठेकेदार कथित आधी अदायगी ले गया, जिसकी अर्जी भेजने के बावजूद विजिलेंस ने जांच नहीं की।

दोबारा से सफाई करने की योजना

सेनेटरी इंस्पेक्टर नगर कौंसिल के सेनेटरी इंस्पेक्टर जीता राम का कहना है कि डेढ़ वर्ष पहले विभाग ने ठेकेदार गुरनाम सिंह के माध्यम से सफाई शुरू करवाई थी, किंतु कार्य तसल्लीबख्श न होने के कारण काम बीच में ही छोड़ गया। उसके बाद कोई प्रयत्न नहीं किया गया। अब दोबारा सफाई करवाने की योजना है। उन्होंने दावा किया कि शहर में सीवरेज चालू होने के बाद इस ड्रेन की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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