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इंजीनियर्स होते हैं देश की रीढ़: रावत

देहरादून (सकब)। मुख्यमंत्री हरीश रावत शनिवार को उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के संघ भवन में आयोजित आॅल इंडिया फेडरेशन आॅफ डिप्लोमा इंजीनियर्स की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की द्वितीय बैठक में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज देहरादून में छोटा हिन्दुस्तान जुट गया है। भारत के कोने-कोने से आए इंजीनियर्स को देखकर खुशी हो रही है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने इंजीनियर्स को देश की रीढ़ बताते हुए कहा कि देश के विकास में इंजीनियर्स का बड़ा योगदान है। उन्होंने इंजीनियर्स को अपनी बुद्धिमत्ता से संसाधनों को जुटाने में होने वाले व्ययों को कम करने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि किसी भी कर्मचारी के साथ कोई अन्याय न हो। राज्य सरकार द्वारा सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए 1500 करोड़ रुपए बजट का प्राविधान पहले ही कर दिया गया था। इसके लिए समिति गठित कर दी गयी थी जिसकी रिपोर्ट आने के बाद सातवाँ वेतन आयोग लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत वेतन विसंगतियों को दूर कर दिया गया है और बाकियों में काम जारी है, इन विसंगतियों को भी जल्दी ही दूर कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि इंजीनियर्स कभी रिटायर नहीं होते। इंजीनियर्स को तकनीकि का अच्छा ज्ञान होता है। सरकार को विकास के लिए इनके तकनीकी ज्ञान एवं अनुभव की लगातार आवश्यकता होती है। आपका तकनीकि ज्ञान और अनुभव देश के विकास के लिए आवश्यक है। इस अवसर पर पूर्व विधायक मसूरी जोत सिंह गुनसोला, पद्मश्री ब्रहमदत्त, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर.के. सिंह, मुख्य सलाहकार आर.सी. श्रीवास्तव सहित देश के कोने-कोने से आए संघ के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।

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