हरियाणा

भ्रूण जांच में पकड़े डॉक्टर के हरियाणा पुलिस पर संगीन आरोप

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धमका कर 5-6 करोड़ रुपए एेंठने का आरोप

पंजाब के पातड़ां का है आरोपी चिकित्सक

डीआईजी ने जारी किए आदेश आईजी हिसार करेंगे मामले की जांच

चंडीगढ़(अनिल कक्कड़)। गत वर्ष पीएनडीटी एक्ट के अधीन जन्म से पूर्व लिंग जांच के दोष में पकड़े गए पटियाला के पातड़ां कस्बे के एक डॉक्टर ने हरियाणा पुलिस एवं एक भाजपा नेता पर कथित तौर से तंग करने एवं पैसा ऐंठने के आरोप लगाए। पीड़ित डॉक्टर वीरवार को यहां चंडीगढ़ के प्रैस क्लॅब में पत्रकारों से रू-ब-रू हो रहा था। पातड़ा के डॉ. अशोक कुमार ने मीडिया में अपनी बात रखते हुए हरियाणा

मीडिया के समक्ष पेश किए वीडियो

पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस के कुछ बड़े अफसरों तथा स्थानीय भाजपा नेता द्वारा उनसे तथा अन्य डॉक्टरों एवं लोगों से कानून की धौंस दिखा कर जबरदस्ती करीबन 5-6 करोड़ रुपए एेंठे गए हैं, इस बाबत उन्होंने मीडिया में कुछ वीडियो भी पेश किए, जिसमें कुछ पुलिस वाले उनसे पैसे ले रहे हैं तथा उन्हें गिन रहे हैं।

डॉ. अशोक के अनुसार दिनांक 17-9-16 को टोहाना पुलिस द्वारा कुछ लोग जन्म से पूर्व लिंग जांच के दोष में पकड़े गए थे। इन्हें टोहाना सिटी पुलिस स्टेशन ले जाकर इनसे मारपीट की गई एवं इनमें से वीरेंद्र कुमार नामक युवक से 20 लाख रुपए की रिश्वत भी ली गई। डॉ. अशोक ने आरोप लगाया कि इस दौरान पकड़े लोगों पर दबाव बना कर पुलिस ने उनका नाम जबरदस्ती डिस्कलोज़र स्टेटमैंट में नाम लिखवा दिया।

डिस्लोज़र रिपोर्ट से नाम हटवाने की एवज़ में पैसों की मांग की

डॉ. अशोक ने कहा कि उनका नाम डिस्लोज़र स्टेटमैंट में आने के बाद कमल अरोरा निवासी रतिया ने उनसे संपर्क कर एक स्थानीय भाजपा नेता एवं एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का नाम लेकर उनसे डिस्लोज़र रिपोर्ट से नाम हटवाने की एवज़ में पैसों की मांग की। कमल अरोड़ा ने फिर पुलिस अधिकारी से बात भी करवाई तथा 10 लाख रुपए की मांग कर दी।

डॉ. अशोक के अनुसार 20-9-16 को एक मैरिज पैलेस में उन्होंने कमल अरोड़ा को 10 लाख रुपए दे दिए। पैसा देने के तीन दिन बाद कमल अरोड़ा ने फिर से 5 लाख रुपए की डिमांड की। जिसके बाद उसे 4.50 लाख रुपए और दिए। इस दौरान कमल अरोड़ा ने फोन पर डॉ. अशोक के सामने कबूला कि ये पैसे एक भाजपा नेता, एक डॉक्टर, एक बड़े पुलिस अधिकारी को दिए जिसकी आॅडियो रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है। डॉ. अशोक ने कहा कि उन्हें इंसाफ दिलवाया जाए वरना वे अपने परिवार के साथ आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे।

हिसार आईजी ओपी सिंह करेंगे मामले की जांच

इस बाबत प्रदेश के डीजीपी बीएस संधू ने हिसार के आईजी ओपी सिंह को मामले की जांच सौंप दी है। संधू ने कहा कि उन्हें इस बाबत शिकायत मिली है इसकी जांच होगी, यदि कोई गुनाहगहार पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। बख्शे नहीं जाएंगे।

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