सम्पादकीय

देश में आपदा राहत की सुविधाएं बेहद कमजोर

COLLAPSED, DEATH, MARRIAGE SITE, STORM, WALL, Relief facilities Weak

देश में प्राकृतिक व मानवीय त्रासदी के बाद आपदा प्रबंधन स्थिति बेहद कमजोर है। खासकर तब जब कोई त्रासदी एक दम से घटित हो जाए और उसका पूर्वानुमान न हो। रेल हादसे, बहुमंजिला इमारतों का गिरना, मंच का टूटना, भगदड़ इत्यादि में तत्काल राहत जुटाना देश में एक बड़ी समस्या है।

हाल ही में राजस्थान के भरतपुर जिला में एक शादी समारोह में आंधी व खराब मौसम के चलते मैरिज पैलेस की एक दीवार गिर गई जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई। देश के अन्य शहरों में ऐसी मिलती जुलती घटनाएं आए दिन घटित होती रहती हैं। ऐसी दुर्घटनाओं के समय कई महत्वपूर्ण सेवाएं पीड़ितों को तत्काल चाहिए होती हैं

जैसे कि अग्निशामक यंत्र व वाहन, एंबुलैंस, प्राथमिक चिकित्सा, दवाएं, रक्त, दुर्घटना में फंसे लोगों को निकालने के लिए औजार व मशीनें। यह सब सामान अब देश के हर महानगर एवं छोटे-छोटे कस्बों तक उपलब्ध है लेकिन यह सांगठनिक तौर पर बेहद कमजोर स्थिति में, और सब बिखरा-बिखरा है। अभी जो सुविधाएं ठीक-ठीक उपलब्ध हैं वह एंबुलैंस, पुलिस ही कही जा सकती हंै।

इसके आगे अग्निशामक, राहत कार्य के लिए प्रशिक्षित स्टॉफ, मशीनें-औजार, दवाएं आदि की बेहद कमी है। देश की बढ़ती आबादी के हिसाब से सामुदायिक स्थलों के निर्माण में अभी भी गंभीर लापरवाहियां बरती जा रही हैं। बड़े व्यवसायिक भवनों में शौचालय बनाने तक में रूपए बचाने की जुगत लगाई जाती है, सुरक्षित लिफ्ट, सीढ़िया, आपदा राहत के प्रबंध तो बहुत दूर की बात है।

केन्द्र व राज्य सरकारों को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने होंगे। पहला तो देश में आपदा राहत के प्रशिक्षण के लिए एक प्रशिक्षित टीम हर गांव-शहर में तैयार की जाए। ऐसे संस्थान निर्मित किए जाएं जो एक ही फोन पर सब तरह की आपदा राहत नागरिकों को पहुंचाएं। इन संस्थानों का लाभ देशवासियों को मानव व प्राकृति निर्मित सभी आपदाओं में मिलेगा।

किसी भी राष्टÑ की सबसे बहुमुल्य पूंजी उसके नागरिक होते हैं। अत: एक भी नागरिक की जान मानवीय लापरवाहियों की वजह से नहीं जानी चाहिए। प्राकृतिक आपदाओं में भी नागरिकों की क्षति को कम-कम से किया जाना चाहिए। हर हादसे से सबक लिया जाए और हर संभव ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जाए।

 

Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

लोकप्रिय न्यूज़

To Top