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चौथी बार स्वच्छता महाअभियान की साक्षी बनी दिल्ली 

नई दिल्ली, 7 मई (सच कहूँ वैब टीम).देश की राजधानी दिल्ली में चौथी बार डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया। इससे पूर्व पूज्य गुरुजी ने वर्ष 2011 में 21-22 सितम्बर से ‘हो पृथ्वी साफ मिटे रोग अभिशाप’ स्वच्छता महाअभियान की शुरूआत नई दिल्ली में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट से की थी।

पहले सफाई महाअभियान में करीब 4 लाख सेवादारों ने भाग लिया था और मात्र पौने दो दिनों में पूरी दिल्ली को गंदगीमुक्त कर उसकी तस्वीर बदल दी थी। तब से लेकर अब तक देश के विभिन्न महानगरों में एक के बाद एक 31 स्वच्छता के महाअभियान हो चुके हैं, जिनमें एक ही दिन में एक साथ लाखों सेवादार भाग लेते हैं और बड़े बड़े शहरों की गंदगी दूर कर आमजन को अपने आसपास के क्षेत्र को साफ सुथरा रखने का संदेश देते हैं।

उसके बाद वर्ष 2013 में 10-11 सितम्बर में एक बार फिर नई दिल्ली में स्वच्छता का महाअभियान चला और 4 लाख सेवादारों ने महज 16 घंटों में ही पूरी दिल्ली को चकाचक कर दिया। तत्पश्चात 15 मार्च 2013 को नरेला (दिल्ली) में स्वच्छता महाअभियान चला , जिसमें 3 लाख सेवादारों ने केवल 2 घंटे में ही नरेला को गंदगीमुक्त कर वहां के निवासियों को स्वच्छता का उपहार दिया।

सफाई महाअभियान को लेकर नई दिल्ली को 13 जोनों में बांटा गया था तथा विभिन्न राज्यों से आने वाले सेवादारों की अलग अलग जोनों में डयूटियां लगाई गई थी। सेवादार सीधे अपने अपने जोनों में पहुंचेे और सफाई अभियान में जुट गए।

सेवादार शहरवासियों से अपने आसपास के क्षेत्र को साफ सुथरा रखने हेतु शपथ पत्र भी भरवा रहे थे। सभी जोनों में संबधित राज्यों के 45 मैंबर भाई बहनोंं की डयूटियां लगाई गई थी, जो सेवादारों को सफाई संबंधित दिशा निर्देश दे रहे थे तथा उनके द्वारा एकत्रित किए गए कूडे के निस्तारण के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर प्रबंध किए।

 

यू चला स्वच्छता का महाअभियान:- 

स्वच्छता महाअभियान को लेकर व्यापक तैयारियां की गई थी। नई दिल्ली को 13 जोनों में बांटा गया तथा पूज्य गुरुजी द्वारा अभियान शुरू करने के तुरंत बाद ही पूरी दिल्ली में एक साथ सेवादार सफाई कार्य में जुट गए। कुछ ही घंटों में दिल्ली का स्वरूप निखरता गया। जो गलियां व सड़कें गंदगी से लबालब नजर आती थी, उनकी तस्वीर बदल गई। सेवादारों ने जगह जगह कूडे कचरे के ढ़ेर एकत्रित कर दिए, जिन्हें एमसीडी के कर्मचारी उठाने में जुटे रहे।

 

इस अवसर पर सादगी पूर्ण ढंग से एक शादी भी हुई। दिल्ली के गोकुलपुर निवासी सुशील व कांतिनगर निवासी रजनी ने पूज्य गुरुजी के समक्ष एक दूसरे को दिल जोड़ माला पहनाकर जीवणसाथी स्वीकार किया। पूज्य गुरुजी ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।  

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