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आओ तैयार करें सब्जी का बगीचा

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Vegetable Garden | स्नानघर के पानी से उगाएं सब्जी

आप यदि सब्जी उगाने की योजना बना रहे हैं और जगह व पानी की कमी को लेकर चिंतित हैं तो आप टेंशन न लें आप स्वच्छ जल के साथ रसोईघर एवं स्नानघर से निकले पानी का उपयोग कर घर के पिछवाड़े में उपयोगी साग-सब्जी उगाने की योजना बना सकते हैं। (Vegetable Garden)

डेरा सच्चा सौदा इस विधि का उपयोग कर लाखों लीटर पानी हर वर्ष बचा रहा है। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पावन दिशा-निर्देशन में शाह सतनाम जी धाम स्थित खेतों में स्रानघर के पानी का उपयोग कर सब्जियों की खेती की जा रही है।

इस तरह एक तो एकत्रित अनुपयोगी जल का निष्पादन हो सकेगा और दूसरे उससे होने वाले प्रदूषण से भी मुक्ति मिल जाएगी। साथ ही, सीमित क्षेत्र में साग-सब्जी उगाने से घरेलू आवश्यकता की पूर्ति भी हो सकेगी। सबसे अहम बात यह है कि सब्जी उत्पादन में रासायनिक पदार्थों का उपयोग करने की जरूरत भी नहीं होगी।

यह एक सुरक्षित पद्धति है तथा उत्पादित साग-सब्जी कीटनाशक दवाईयों से भी मुक्त होंगे।

Vegetable Garden | पौधे लगाने के लिए खेत की तैयारी

सर्वप्रथम 30-40 सेंटीमीटर की गहराई तक कुदाली या हल की सहायता से जुताई करें। खेत से पत्थर, झाड़ियों एवं बेकार के खर-पतवार को हटा दें। खेत में अच्छे ढंग से निर्मित 100 किलोग्राम कृमि खाद चारों ओर फैला दें। आवश्यकता के अनुसार 45 सेंटीमीटर या 60 सेंमी की दूरी पर मेंढ़ या क्यारी बनाएं।

Vegetable Garden | पौधे बुआई और पौधारोपण

 – सीधे बुआई की जाने वाली सब्जी जैसे – भिंडी, बीन एवं लोबिया आदि की बुआई मेड़ या क्यारी बनाकर की जा सकती है। दो पौधे 30 सेमी. की दूरी पर लगाई जानी चाहिए।
– प्याज, पुदीना एवं धनिया को खेत के मेड़ पर उगाया जा सकता है। प्रतिरोपित फसल, जैसे – टमाटर, बैगन और मिर्ची आदि को एक महीना पूर्व में नर्सरी बेड या मटके में उगाया जा सकता है।
– बुआई के बाद मिट्टी से ढंककर उसके ऊपर 250 ग्राम नीम के फली का पाउडर बनाकर छिड़काव किया जाता है ताकि इसे चीटियों से बचाया जा सके।

 – टमाटर के लिए 30 दिनों की बुआई के बाद तथा बैगन, मिर्ची तथा बड़ी प्याज के लिए 40-45 दिनों के बाद पौधे को नर्सरी से निकाल दिया जाता है।
– टमाटर, बैगन और मिर्ची को 30-45 सेंमी की दूरी पर मेंड़ या उससे सटाकर रोपाई की जाती है। बड़ी प्याज के लिए मेढ़ के दोनों ओर 10 सेमी. की जगह छोड़ी जाती है।
– रोपण के तीसरे दिन पौधों की सिंचाई की जाती है। प्रारंभिक अवस्था में इस प्रतिरोपण को दो दिनों में एक दिन बाद पानी दिया जाए तथा बाद में चार दिनों के बाद पानी दिया जाए।
– सब्जी बगीचा का मुख्य उद्देश्य अधिकतम लाभ प्राप्त करना है तथा वर्षभर घरेलू साग-सब्जी की आवश्यकता की पूर्ति करना है।

Vegetable Garden | इन बातों पर दें ध्यान

बगीचा के एक छोर पर बारहमासी पौधों को उगाएं। इससे इनकी छाया अन्य फसलों पर न पड़े तथा अन्य साग-सब्जी फसलों को पोषण दे सकें। बगीचा के चारों ओर तथा आने-जाने के रास्ते का उपयोग विभिन्न अल्पाविध हरी साग-सब्जी जैसे धनिया, पालक, मेथी, पुदीना आदि उगाने के लिए किया जा सकता है।

Vegetable Garden | सब्जी बगीचा के लिए स्थान चयन

सब्जी बगीचा के लिए स्थल चयन में सीमित विकल्प है। हमेशा अंतिम चयन घर का पिछवाड़ा ही होता है जिसे हम लोग बाड़ी भी कहते हैं।
यह सुविधाजनक स्थान होता है क्योंकि परिवार के सदस्य खाली समय में साग-सब्जियों पर ध्यान दे सकते हैं तथा रसोईघर व स्नानघर से निकले पानी आसानी से सब्जी की क्यारी की ओर घुमाया जा सकता है। सब्जी बगीचा का आकार भूमि की उपलब्धता और व्यक्तियों की संख्या पर निर्भर करता है।
सब्जी बगीचा के आकार की कोई सीमा नहीं है, परंतु सामान्य रूप से वर्ग की अपेक्षा समकोण बगीचा को पसंद किया जाता है। चार या पांच व्यक्ति वाले औसत परिवार के लिए 1/20 एकड़ जमीन पर की गई सब्जी की खेती पर्याप्त हो सकती है।

बारहमासी खेत

सहजन की फली, केला, पपीता, कढ़ी पता उपरोक्त फसल व्यवस्था से यह पता चलता है कि वर्षभर बिना अंतराल के प्रत्येक खेत में कोई-न-कोई फसल अवश्य उगाई जा सकती है। साथ ही, कुछ खेत में एक साथ दो फसलें (एक लंबी अवधि वाली और दूसरी कम अविध वाली) भी उगाई जा सकती है।
सब्जी बगीचा निर्माण के आर्थिक लाभ व्यक्ति पहले अपने परिवार का पोषण करता उसके बाद बेचता है। आवश्यकता से अधिक होने पर उत्पाद को बाजार में बेच देता है या उसके बदले दूसरी सामग्री प्राप्त कर लेता है। कुछ मामले में घरेलू बगीचा आय सृजन का प्राथमिक उद्देश्य बन सकता है।
अन्य मामले में, यह आय सृजन उद्देश्य के बजाय पारिवारिक सदस्यों के पोषण लक्ष्य को पूरी करने में मदद करता है। इस तरह, यह आय सृजन और पोषाहार का दोहरा लाभ प्रदान करता है।

-फीचर डेस्कायां

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