पंजाब

राज्य सरकार ने 127 स्कूली बच्चों की जान लगाई दांव पर

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असुरक्षित बिल्डिंगों में पढ़ाई करने के लिए मजबूर बच्चे

भटिंडा(मनजीत नरूआणा)। जहां राज्य के शिक्षा मंत्री की ओर से सरकारी स्कूलों में शिक्षा को बेहतर बनाने के बड़े -बड़े दावे किए जा रहे हैं वहीं ब्लॉक संगत अधीन आते गांव फरीदकोट कोटली के सरकारी प्राथमिक स्कूल के 127 बच्चों की जिंदगी सरकार ने दांव पर लगाई हुई है। पिछले कई सालों से बच्चे असुरक्षित घोषित बिल्डिंग में पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं। स्कूली बिल्डिंग को पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से पिछले कई सालों से असुरक्षित घोषित कर बच्चों को इस बिल्डिंग से दूर रखने की हिदायत दी गई थी परंतु बच्चों के बैठने के लिए दूसरा कोई हल न होने के कारण मजबूरीवश बच्चे इसी बिल्डिंग में ही पढ़ाई कर रहे हैं।

बिजली का बिल न भरने कारण पॉवरकॉम विभाग ने मीटर भी उखाड़ा

बरसातों के दिनों में यहां कोई भी बड़ा हादसा घटित हो सकता है परंतु संबंधित विभाग व सरकार को सब कुछ पता होने के बावजूद भी उन्होंने अपनी आंखें बंद की हुई हैं। स्कूल में बिजली का बिल हजारों रुपये बकाया होने के कारण पॉवरकाम विभाग की ओर से मीटर का कनैक्शन काट दिया गया, जिस कारण बच्चे गर्मी में पढ़ने के लिए मजबूर हैं। स्कूली अध्यापकों द्वारा भी स्कूल की कोई आमदन न होने के कारण बिजली का बिल भरने से हाथ खड़े किए हुए हैं।

पत्रकारों की टीम की तरफ से जब स्कूल में जा कर देखा गया तो बच्चे असुरक्षित बिल्डिंग में बिना बिजली से गर्मी में पढ़ाई कर रहे थे। बिल्डिंग में बड़ी -बड़ी दरारें आने वाले किसी बड़े खतरे से अवगत करवा रही हैं। स्कूल में 23 बच्चे प्री नर्सरी कक्षा के, 4 बच्चे अपंग व मन्दबुद्दी सहित कुल 127 छोटे बच्चे इस असुरक्षित घोषित बिल्डिंग में पढ़ाई कर रहे हैं। गांववासियों का तो यहां तक कहना है कि सरकार उस समय स्कूल की नयी बिल्डिंग बनाऐगी जब कोई बड़ी अनहोनी हो गई।

ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह चीमा ने कहा कि यह मामला उन के ध्यान में है। उन्होंने बताया कि स्कूल की पूरी बिल्डिंग असुरक्षित नहीं बल्कि दो कमरे हैं, जिनमें बच्चों को नहीं बिठाया जाता। जब उनसे अन्य कमरों की छतों में आईं बड़ी -बड़ी दरारों संबंधी पूछा तो उन्होंने कहा कि यह दरारें पलस्तर में हैं, इन दरारों का कोई डर नहीं है।

स्कूल में बच्चों को अनहोनी होने पर दी जाती है बिल्डिंग से बाहर भागने की ट्रेनिंग

खस्ताहालत हो चुकी बिल्डिंग में पढ़ाई कर रहे बच्चों को पढ़ाई साथ-साथ स्कूल की मुख्य अध्यापकों की ओर से बच्चों को बिल्डिंग में से बाहर भागने की भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

गांव की सरपंच सुरजीत कौर ने कहा कि स्कूल की खस्ताहालत हो चुकी बिल्डिंग संबंधी समूह पंचायत की ओर से दर्जनों बार संबंधित विभाग को लिख कर दिया जा चुका है। उन्होंंने बिल्डिंग के नये निर्माण के लिए संगत दर्शन दौरान गांव आई केंद्रीय मंत्री हरमिसरत कौर बादल को अनुदान के लिए कहा था परंतु फिर भी कोई मसला हल नहीं हुआ। उन्होंने पंचायत के हर संकल्प में स्कूल की नई बिल्डिंग के लिए अनुदान राशि की मांग की थी परंतु बिल्डिंग के लिए कोई अनुदान राशि जारी नहीं की गई।

कुछ साल पहले पीडब्ल्यूडी विभाग की एक टीम स्कूल ने स्कूल बिल्डिंग
किया था असुरक्षित घोषित

जब इस संबंधी पिछले कई सालों से स्कूल में मुख्य अध्यापक की ड्यूटी निभा रहे लाजविन्दर कौर के साथ बात की तो उन्होंने कहा कि जिस समय से वह स्कूल में आए हैं उस समय से ही स्कूल की बिल्डिंंग खराब थी, जैसे -जैसे समय बीत रहा है बिल्डिंग और भी खराब हो रही है। उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले पीडब्ल्यूडी विभाग की एक टीम स्कूल में आई थी जिसने बिल्डिंग को चैक कर असुरक्षित घोषित कर दिया परंतु फिर भी कोई दूसरा हल न होने के कारण वह मजबूरीवश बच्चों को इस बिल्डिंग में पढ़ाने के लिए मजबूर हैं। बिजली कनैक्शन काटने संबंधी उन्होंने बताया कि संबंधी विभाग फंडों का रोना रो रहा है, जिस कारण पॉवरकॉम विभाग की ओर से बिजली का कनैक्शन भी काट दिया गया।

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