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नहरों में नहा नियम तोड़ रहे बच्चे और युवा, पुलिस बेखबर

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उल्लंघन पर है जुर्माने का प्रावधान

नरवाना/भिवानी/जीन्द/यमुनानगर। चलचिलाती गर्मी से बचने के लिए तालाब, नहर, जलघर, पोखर में नहाना बच्चों और युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। लेकिन प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। इसका जीता जागता सुबूत सोमवार को नरवाना की भाखड़ा नहर, उझाना गाँव के पास दिल्ली-पटियाला हाईवे पर मौजूद पुल के पास,

बेलरखां गाँव से गुजर रही भाखड़ा नहर के अंंबरसर पुल व सुरजा खेड़ा रोड पर पुल के पास, गुरथली गाँव के पास, नरवाना शहर में ढाकल हैड, बडनपुर हैड पर, सरसा में पंजुआणा हैड, करनाल में कैथल पुल के पास नहाते हुए बच्चे और युवा थे। क्योंकि ये लोग इस बात से अंजान थे कि अब नहरों में नहाना कानूनन अपराध है। इसके लिए पकड़े जाने पर जुर्माने का प्रावधान है।

बच्चे स्कूल के बाद झुंड बनाकर नहरों व जलघरों में डुबकी लगाते देखे जा सकते हैं। जिसके चलते बच्चों के डूबने के हादसे प्रदेश भर में सामने आ रहे हैं। इसी के मद्देनजर हरियाणा सरक ार ने नहरों में नहाने पर पाबंदी लगा दी है। हादसों के लिए जहां बच्चे व उनके अभिभावकों की लापरवाही साफ झलकती है,

वहीं नहरी विभाग व जनस्वास्थ्य विभाग भी इसके लिए जिम्मेवार है। इन विभागों में कही-कही ये सूचनापट जरूर मिल जाते हैं कि अमुक नहर या अमुक जलघर में नहाना अपराध है। परन्तु बच्चों व युवाआें के नहाते समय विभाग के कर्मचारी उन्हें टोकना भी उचित नहीं समझते, जिसके चलते जुर्माने का प्रावधान होने के बावजूद भी नहरों में छलांग लगाते बच्चों को देखा जाना आम हो गया है।

करनाल में कैथल पुल के नजदीक तथा मधुबन पक्का पुल के पास स्थित नहर में लोग बिना किसी प्रशासनिक के भय में नहरों मेंं नहाते हैं। कई जगहों पर प्रशासन ने सूचना बोर्ड लगाए हुए हैं। लेकिन इनका पालन नही किया जाता। नहरी विभाग ने इस संबंध में केनाल एक्ट भी पास किया गया है, जिसके तहत प्रथम बार नहाते पकड़े जाने पर 100 रुपये व दूसरी बार 250 रुपये जुर्माने का प्रावधान है।

प्रशासन की ओर से लगाए गए चेतावनी के बोर्ड

नहरों में डूबने की बढ़ती घटनाओं पर यमुनानगर के उपायुक्त रोहताश सिंह खरब ने कहा कि यमुना नहर जिन शहरी व आवासीय क्षेत्रों से गुजरती है, वहां पर प्रशासन की ओर से चेतावनी के बोर्ड लगाए गए हैं। इसके बावजूद लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। अधिकतर इस तरह के हादसों का शिकार बच्चे बनते हैं, जो चिंता का विषय है।

लेकिन सख्ती के तौर पर किसी को नहाने से नहीं रोका जा सकता। यह अभिभावकों व परिजनों की भी जिम्मेदारी बनती है कि जिन बच्चों को तैरना नहीं आता उन्हें नहर पर न जाने दें। इसके अलावा पुलिस विभाग व संबंधित प्रशासन के अधिकारियों से भी इस विषय पर चर्चा की जाएगी। यमुना नहर में डूबने से होने वाली मौतों को प्रशासन गंभीर है।

नहरों में नहाने पर प्रतिबंध

इससे अभिभावकों व स्थानीय लोगों की मदद से रोका जा सकता है। वहीं करनाल के डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने कहा कि नहरों के आसपास सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। नहरों में नहाने पर प्रतिबंध है।

यदि कोई नियमों की पालना करता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जीन्द के पटियाला चौक पुलिस चौकी में तैनात ईएसआई कृष्ण कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि नहर पर लगातार गश्त लगाई जा रही है और बच्चों को नहर में नहाने से मना किया जाता है।

नहरों में नहाना निषेध: हरियाणा सरकार ने नहर में बच्चों के डूबने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नहरों में नहाने पर सख्त पाबंदी लगा रखी है और इसके उल्लंघन पर जुर्माने का भी प्रावधान है। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी

पब्लिक हैल्थ द्वारा जलघरों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया हुआ है। इसके अलावा जलघरों के चारों तरफ बाऊंडरी वॉल भी लगाई गई है, ताकि कोई व्यक्ति इनमें प्रवेश न करें, परन्तु फिर भी कुछ लोग इस क्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन की हिदायतों के अनुसार धारा 144 भी जलघरों के आस-पास लगाई जाती है कि वहां पर कोई नाजायज भीड़ इक्ट्ठी न हो, ताकि कोई अनहोनी घटना न घटे। वहां पर तैनात कर्मचारियों को यह साफ हिदायत दी गई है कि जलघर में उतरने वाले व्यक्ति पर तुरंत कार्रवाई करें तथा तुरंत उच्च अधिकारियों व पुलिस को फोन करें।
संजीव त्यागी, पब्लिक हैल्थ अधीक्षक अभियंता, भिवानी

उपायुक्तों के बयानों में विरोधाभास

करनाल के उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़ ने कहा कि नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाई की जाएगी, वहीं यमुनानगर के उपायुक्त रोहताश सिंह खरब ने कहा कि किसी को सख्ती से नहीं रोका जा सकता।

जीन्द प्रशासन ने किए पुख्ता इंतजाम

जीन्द शहर से गुजरने वाली हांसी ब्रांच नहर के पुल पर हादसों से बचने के लिए पुख्ता इंतजाम किया गया है। जिससे नहर के पुल से छलांग न लगाई सकें। इसके लिए जिला प्रशासन ने दोनों पुलों पर जाल लगाकर नहर पर नहाने वालों पर रोक लगा दीं। हालांकि राजा की कोठी के पास बने पुल के पास छोटे बच्चे अभी भी नहर में कम पानी होने के बावजूद भी नहाते देखे गए।

जोहड़ में डूबने से 5वीं कक्षा के छात्र की मौत

भिवानी के बडाला गाँव में पांचवी कक्षा में पढ़ रहे 10 साल के बच्चे की जोहड़ में डूबने से मौत हो गई। सागर नामक यह बच्चा अपने साथी बच्चों के साथ जोहड़ के पास खेलने गया था, लेकिन वहां पैर फिसलने से जोहड़ में डूब गया और वही उसकी मौत हो गई। बताया जाता है कि बडाला गाँव में जोहड़ की खुदाई चल रही है।

खेलते समय उसका फिसल गया पैर

जहां 10 वर्षीय पांचवीं कक्षा का छात्र रविवार शाम सागर अपने हमउम्र बच्चों के साथ जोहड़ के पास खेलने गया था। सागर के पिता बलबीर सिंह ने बताया कि खेलते समय उसका पैर फिसल गया और उसकी वही जोहड़ के पानी में डूबने से मौत हो गई, लेकिन उसके साथ गए बच्चों ने डर के मारे घर पर भी कुछ नहीं बताया। देर रात काफी तलाश के बाद पता चला की सागर की डूबने से मौत हुई है।

वही सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और पोस्टमार्टम के लिए भिवानी चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल में लाई। जांच अधिकारी एएसआई आनंद सिंह ने बताया कि 10 साल के सागर की जोहड़ में डूबने से मौत हुई है।

 

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