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नक्सलियों के खिलाफ आक्रामक नीति तैयार की जाए : राजनाथ

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सुरक्षा बलों की तैनाती और आॅपरेशन में आक्रामक रूख अपनाना

नई दिल्ली (एजेंसी)। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने वामपंथी उग्रवाद को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने के लिए आक्रामक नीति तैयार करने और उनके वित्तीय स्रोतों को पूरी तरह बंद करने की जरूरत पर बल देते हुए इसे उनके खिलाफ लड़ाई में मूलमंत्र बताया। सिंह छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में उग्रवादियों के हमले में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 25 जवानों के शहीद होने की घटना के बाद करीब दो हफ्ते बाद नक्सलियों से निपटने के लिए समग्र एवं समन्वित नीति तैयार करने के लिए नक्सल प्रभावित दस राज्यों के मुख्यमंत्रियों और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की यहां आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। हालांकि बैठक में सभी दस राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए सिंह ने कहा कि हमें वामपंथी उग्रवाद के नासूर को जड़ से समाप्त करने के लिए नीति और रणनीति तैयार करने तथा सुरक्षा बलों की तैनाती और आॅपरेशन में आक्रामक रूख अपनाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उग्रवादी घटना घटित हो जाने पर जवाबी कार्रवाई करने से बेहतर होगा कि सुरक्षा बल पहले से ही सक्रिय रहें। नक्सलियों के वित्तीय स्रोतों को पूरी तरह बंद करने की जरूरत बताते हुए सिंह ने इसे वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में मूल मंत्र बताया। वित्तीय संसाधनों से उनके पास हथियार और गोला-बारूद तथा खाना-पीना आता रहेगा। गृह मंत्री ने कहा देश में वामपंथी उग्रवाद की समस्या का निदान बंदूक की गोली से संभव नहीं है। इसका कोई शार्ट कट भी नहीं है। इसलिए अलग-अलग स्तरों पर अल्प, मध्य और दीर्घकालिक नीतियां बनाने की जरूरत है।

सलाह देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि

अर्र्द्धसैनिक बलों और जिला पुलिस को समन्वित नीति और योजना के तहत काम करने की सलाह देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को अग्रिम मोर्चे पर डटकर कमान संभालनी होगी। दिल्ली, रांची और रायपुर में बैठकर इस अभियान में सफलता नहीं हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अभियानों की राज्य सरकारें जिम्मेदारी लें और केंद्रीय बल उनकी मदद करें। साथ ही जमीनी स्तर पर बलों को नेतृत्व की कमी न हो। वामपंथी उग्रवाद से निपटने के लिए एकीकृत समन्वय एवं कमान की जरूरत पर जोर देते हुए सिंह ने कहा कि आॅपरेशन और रणनीतिक स्तर पर भी एकीकृत कमान की आवश्यकता है।

हथियारों में ट्रैकर लगा होना चाहिए

पिछले दो दशकों में 12 हजार लोगों की जानें माओवादी उग्रवादियों की हिंसक गतिविधियों में 12 हजार लोगों की जानें गई हैं जिनमें सुरक्षा बल के 2700 जवान शामिल हैं। सिंह ने कहा कि नक्सली ज्यादातर लूटे गए हथियारों का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए हथियारों में ट्रैकर लगा होना चाहिए। उन्होंने ड्रोन समेत आधुनिक प्रौद्योगिकी का भी इस्तेमाल बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। सिंह ने सुरक्षा बलों में विशेष आपरेशन प्रक्रिया का पालन करने की आदत डलवाने को भी कहा। नक्सलियों के बारे में पुख्ता खुफिया जानकारी हासिल करने के लिए उनके बीच से ही अधिकारी नियुक्त करने की जरूरत पर जोर देते हुए राजनाथ ने इन सूचनाओं के कारगर इस्तेमाल के लिए स्थानीय पुलिस तथा केन्द्रीय बलों के बीच कार्यप्रणाली तैयार करने को भी कहा।

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है लेकिन वामपंथी उग्रवाद लोकतंत्र की जड़ों को खोखला करना चाहता है। लोकतंत्र विरोधी होने के साथ-साथ वामपंथी उग्रवाद का विकास विरोधी चेहरा सबके सामने है। वे दुर्गम इलाकों में विकास कार्य नहीं होने देना चाहते। नक्सल जैसे नासूर गरीबी और पिछड़ेपन में पनपते है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बन्दूक के बल पर विकास और लोकतंत्र को झुकाने और दबाने की कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी।

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