हरियाणा

नूंह के 100 गांव आज भी प्यासे

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विडंबना। हलक तर करने को छूट रहे पसीने, पानी की तलाश में ही बीत जाता है पूरा दिन

  • कई कोस दूर कुंओं-नलकूपों से पानी लाने को मजबूर ग्रामीण
  • जवाब देने लगा लोगों का धैर्य

नूंह (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा का एक इलाका ऐसा भी है जहां आज भी लोगों को हलक तर करने के लिए इस चिलचिलाती गर्मी में घंटों पसीना बहाना पड़ता है। भोर होते ही यहां के लोगों की दिनचर्या पेयजल की तलाश के साथ शुरू होती है। महिलाएं बर्तन लेकर पानी की तलाश में सुबह ही नकल पड़ती हैं और एक जगह से दूसरी जगह इधर-इउधर भटकती रहती हैं।

घटों की मशक्कत के बाद कोसों दूर से पानी लेकर लौटती हैं तब कहीं जाकर परिवार की प्यास बुझती है। यहां हर घर में रोजाना परिवार के एक सदस्य की ड्यूटी तो पेयजल की तलाश में रहती है। हम बता कर रहे हैं जिला मेवात के नूंह अंतर्गत उपमंडल फिरोजपुर झिरका की। एक-दो नहीं बल्कि करीब 100 गांवों में यह समस्या पिछले दशकों से है।

कई सरकारें आई और चली गई लेकिन यहां के लोगों के लिए पेयजल उपलब्ध कराने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। अब जहां भयंकर गर्मी का दौर चल रहा है तो लोगों का हलक सूख रहा है।लोग हलकान नजर आ रहें हैं। बताया जा रहा है कि इस इलाके में भूजलस्तर काफी नीचे चला गया है जो कि पेयजल किल्लत की बड़ी वजह है।

इन गांवों में सबसे ज्यादा समस्या

फिरोजपुर झिरका उपमंडल के गांव दोहा, रावली, मुंडाका, अगोन, पथराली, पाठखोरी, बीवां, मदापुर, हिरवाड़ी, साकरस, मंहू, तिगांव, सिधरावट, बडेड, डोंडल और नगीना खंड के घाघस, भादस, उमरा और मांडीखेड़ा समेत करीब 100 गांवों में बीते एक माह से पानी की विकट समस्या पैदा हो गई है। उपरोक्त गांवों में पानी का आकाल पड़ने से ग्रामीण प्रभावित नजर आ रहें हैं।

पशुओं के लिए बने जोहड़ भी सूखे

इलाके में पानी की समस्या दूर करने में संबंधित विभाग कहीं न कहीं पीछे नजर आ रहा है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में जलापूर्ति नहीं होने के चलते महिलाओं को दूर-दराज के कुंओं व नलकूप आदि से पानी लाने को विवश होना पड़ रहा है। कई गांवों के तो हालात बद से बदत्तर होते जा रहें हैं। इनमें नगीना खंड और फिरोजपुर झिरका खंड के सबसे ज्यादा गांव प्रभावित हैं।

यहां मवेशियों के लिए गांव में बने तालाब व जोहड़ लगभग सूख चुके हैं। जबकि कई तालाबों व जोहड़ों में पानी न के बराबर बचा है। गर्मी बढ़ने के साथ इलाके में हुई पानी की विकट समस्या के चलते लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। इसको लेकर क्षेत्रवासियों ने सरकार एवं प्रशासन से पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराने की मांग की है।

रैनीवेल परियोजना से जोड़े जाने की उठी मांग

क्षेत्र के जिला पार्षद बिलाल अहमद, जिला पार्षद फकरुदीन, पूर्व सरपंच उमर मोहम्मद, समाजसेवी मुकेश मंगला, पार्षद अशोक गुर्जर आदि ने बताया कि क्षेत्र में भीषण गर्मी का कहर चरम पर है। इसके साथ ही इलाके में पानी की विकट समस्या पैदा हो गई है। कई गांवों में पानी को लेकर हालात बहुत खराब हैं।

ग्रामीण आंचल की महिलाएं अपने परिवार के गुजारे के लिए अपने सिर पर पानी लाने को मजबूर हैं। पानी की किल्लत होने के चलते लोग मजबूरन मोल लेकर पानी पी रहे हैं। मौजूदा सरकार को जिले में पेयजल की समस्या को दूर करने से संबंधित व्यापक कदम उठाने की जरुरत है। क्षेत्रवासियों ने फिरोजपुर झिरका खंड के गांवों को रैनीवेल परियोजना से जोड़े जाने की मांग रखी है।

पेयजल समस्या है तो हमें बताएं

यदि आपके क्षेत्र में भी कहीं पेयजल की समस्या है तो आप भी हमें फोटो सहित पूरी जानकारी 97299-97715 पर व्हाट्सप्प कर दें। हम आपकी समस्या को जिम्मेदार अफसरों व सरकार तक अवश्य पहुंचाएंगे।

 

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